Top
Aap Ki Khabar

सुख चैन की नींद क्या है आपकी कुंडली मे क्यों नही आती है गहरी नींद

सुख चैन की नींद क्या है आपकी कुंडली मे क्यों नही आती है गहरी नींद
X

नींद का क्या है ज्योतिष से संबंध किस तरह से पाएं सुख चैन की नींद

Lifestyle and Jyotish Desk -आपको नींद ठीक से आती है या नही इसका के बार मानसिक कारण तो होता ही है साथ ही यह इस मौजूद हैं बात परभी निर्भर करता है कि आपके 12 वें भाग मे कुण्डली में कौन से ग्रह मौजूद हैं अगर आपके 12 वें भाग में कुछ ऐसे ग्रह हैं जिनकी पहचान पापक ग्रह के रूप में कई जाती हैं तो वह व्यक्ति सुख चैन की नींद नही सो सकता है ।

जिस तरह की जानकारी लोगों के द्वारा social मीडिया पर share की जा रही है जिसमे ज्योतिष के जानकार भी होते हैं उनकी बातों और तर्कों को माने तो तो नींद का सीधा संबंध व्यक्ति के कुण्डली से होता है ।
नींद न आने के कई कारण होते हैं जिनमें जीवन की उलझनों व परेशानियों से लेकर कई चिकित्सकीय (Magnatic) कारण भी होते हैं। किंतु कई व्यक्तियों को इन कारणों के इतर भी अनिद्रा की शिकायत रहती है। ज्योतिष शास्त्र में अनिद्रा रोग के योगों का उल्लेख मिलता है।

Daily Life से लेकर ज्योतिष में जल का है बड़ा महत्व इसलिए जल चढाने से लेकर गमले तक में पानी देने के हैं नियम

Health Tips के अनुसार आइए जानते हैं कि वे कौन से योग व ग्रह स्थितियां होती हैं, जो जातक की नींद उड़ा देते हैं अर्थात जिनके जन्म पत्रिका में होने मात्र से जातक अनिद्रा का शिकार होता है।

-जन्म पत्रिका के 12वें भाव एवं द्वादशेश से निद्रा व शैया सुख का विचार किया जाता है। यदि जन्म के 12वें भाव में क्रूर ग्रह जैसे शनि, राहु व केतु स्थित हों या द्वादश भाव पर इन ग्रहों का प्रभाव हो एवं 12वें भाव के अधिपति पर भी इन क्रूर ग्रहों का प्रभाव हो तो जातक अनिद्रा रोग का शिकार होता है।

-12वें भाव पर राहु के प्रभाव से जातक अल्पनिद्रा वाला होता है।

-यदि लग्न पर राहु, केतु व शनि का प्रभाव हो एवं द्वादशेश अशुभ भावों में स्थित हो या नीच राशिस्थ हो तब भी जातक सुखपूर्वक नींद नहीं ले पाता है।
-यदि द्वादशेश द्वादश भाव में स्थित हो एवं उस पर किसी क्रूर ग्रह का प्रभाव न हो तो ऐसी ग्रह स्थिति में जातक सुखपूर्वक (sound sleep tips ) अच्छी नींद लेता है।

-यदि 12वें भाव का अधिपति स्वराशिस्थ होकर 12वें भाव में स्थित हो और उस पर शुभ ग्रहों का प्रभाव अधिक हो तो जातक अधिक सोने वाला होता है।
इसके लिए बेहतर यही होगा कि अपने घर का उपचार वास्तु के अनुसार किया जाए जिसमें सोने की भी दशा और दिशा दोनों निर्धारित किया जाए ।
घर मे negativity के लिए जगह न छोड़ी जाए इससे अनिद्रा की कमी दूर होगी ।

Next Story
Share it