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काम नही कराया तो गाँव मे घुसने नही देंगे

काम नही कराया तो गाँव मे घुसने नही देंगे
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सरपंच—सचिव की हठधर्मिता का खामियाजा भुगत रहा है ग्राम मेलकी

— न पानी की सुविधा, न रोड, जनसुनवाई में कई बार शिकायतें कर चुके है ग्रामीण
— झालरी सरपंच—सचिव के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश
नीमच। नीमच जिला मुख्यायल से करीब 13 किलोमीटर दूरी पर स्थित state News Madhya Pradesh-ग्राम पंचायत झालरी के अंतर्गत आने वाले ग्राम मेलकी के ग्रामवासी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे है। गांव में विकास की उम्मीद लगाकर ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों को चुना था, लेकिन जनप्रतिनिधियों ने मुंह मोड लिया है। सरपंच—सचिव की हठधर्मिता के चलते गांव में न तो पानी की सुविधा है और न ही सडक की। बारिश के दिनों में तो सडक नहीं होने के कारण ग्रामीणों का शहर और गांव से संपर्क टूट जाता है। ग्रामीणों ने सडक, पानी की सुविधा के लिए कई बार जनसुनवाई में आवेदन दिए, लेकिन कुछ भी धरातल पर दिखाई नहीं दिया। इस स्थिति को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधि और अफसरों को चेतावनी दी है कि अगर विकास कार्य नहीं किए तो किसी को भी गांव में घुसने नहीं देंगे।

ग्राम मेलकी के ग्रामीण ओमसिंह गुर्जर, धरमसिंह गुर्जर ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत सरपंच पर्वत मेघवाल और सचिव कमल तंवर, सहायक सचिव दीपक गुर्जर गांव के विकास की और कोई ध्यान नहीं दे रहे है। बीते तीन सालों से लगातार जनसुनवाई में शिकायतें की जा रही है। सरपंच—सचिव के पास ग्रामीण सीमेंट क्रांकीट, पुलिया और पेयजल सुविधा को लेकर जाते है तो ये बोलते है कि हमारे हाथ में कुछ नहीं है। पूरे गांव में नालिया नहीं है, सीमेंट क्रांकीट की लगातार मांग की जा रही है। गांव में पेयजल के लिए सरकारी कुआं है, जहां से नल कनेक्शन भी है, किन्तु नलों से पानी सप्लाई नहीं किया जाता है। मेलकी से करीब एक किलोमीटर दूरी पर स्थित नई आबादी है, जहां पर भी सडक नहीं है। यहां पर भी पानी की भी व्यवस्था नहीं है। महिलाएं गांव से दूर स्थित कुओं से पेयजल लाती है। ग्राम पंचायत में सिर्फ सरपंच— सचिव सिर्फ गांव झालरी के विकास की तरफ ध्यान दे रहे है।


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