Shirsh Uttanasana Benefits In Hindi : शीर्ष उत्तानासन के लाभ और सावधानियां क्या हैं? 

शीर्ष उत्तानासन करने से क्या लाभ होता है?
 
शीर्ष उत्तानासन की सावधानियां क्या हैं? 

Shirsh Uttanasana Benefits In Hindi
Shirsh Uttanasana Precautions In Hindi
हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली।
हृदयाघात का कोई एक कारण नहीं पता लग पाया है पर इसके कई रिस्क फेक्टर या कारक पाए गए हैं जिनमें भावनात्मक असंतुलन भी है। भावनात्मक कारणों में क्रोध या आक्रामकता मुख्य है। डॉ. जेम्स लिंच ने अपनी एक रिसर्च में पाया कि विचारों, रों शब्दों और भावनाओं का रक्तचाप और हृदय गति पर असर पड़ता है जिससे उनमें बदलाव आते हैं।

शीर्ष उत्तानासन करने से क्या लाभ होता है?

अमरीका की ड्यूक यूनिवर्सिटी के मेडिकल सेंटर के हैड डॉ. रेडफोर्ड विलियम्स ने आक्रामकता के हृदय रोग पर असर की रिसर्च में पाया कि आक्रामक और क्रोधित होने वाले व्यक्तियों में हृदय रोग का खतरा अन्य लोगों के मुकाबले दुगुना होता है। सोच-समझकर की गई आक्रामकता हृदय के लिए इतनी घातक नहीं जितना बिना विचारे क्रोध। 

इस तरह अचानक होने वाले क्रोध का अन्य स्त्रोत हमारे मस्तिष्क का एक हिस्सा है, जिसका नाम एमीगडाला है। यह हमारी भावनाओं का केंद्र भी है। इसके द्वारा उत्पन्न क्रोध कई घंटों तक रहता है जो जल्दी क्रोध आने की आदत की नींवनीं डालता है। यह हार्ट हैल्थ के लिए खतरनाक होता है। एमीगडाला बादाम के आकार के दो भाग होते हैं। 

वे मस्तिष्क के दोनों तरफ होते हैं। ये भाव नियंत्रक भी हैं। इनमें भाव नियंत्रण की अद्भु त क्षमता है। इनमें नकारात्मक भाव क्रोध, अवसाद व एंजाइटी सभी शामिल हैं। भाव केन्द्र जिन्हें एमीगडाला कहा जाता है को नियंत्रित करने की योगआसनों में बेहतर क्षमता होती है। इन आसनों में से एक है शीर्ष उत्तानासन। इसमें खड़े होकर उत्तानासन में सिर को ऊंचा रखा जाता है।

शीर्ष उत्तानासन के फायदे क्या हैं? 

मस्तिष्क में स्थित एमीगडाला को स्वस्थ व नियंत्रण में रखता है। हृदय गति को नियंत्रित करता है। इससे हृदय को आराम मिलता है। एंजाइटी के कारण असामान्य धड़कन में राहत देता। यह अवसाद को दूर करता है। दो मिनट या उससे ज्यादा देर तक किया जाए। यह आसन जल्दी उत्तेजित व क्रोधित होने वालों के लिए एक वरदान है।

शीर्ष उत्तानासन की सावधानियां क्या हैं? 

उच्च रक्तचाप वालों को इसे नहीं करना चाहिए।
हृदय रोग वाले मरीज उचित देखरेख में या योग प्रशिक्षक के निर्देशन में इसे करें।

शीर्ष उत्तानासन  कितनी देर तक करना चाहिए?

शुरुआत में शीर्ष उत्तानासन का अभ्यास 15 सेकंड के लिए करें और धीरे-धीरे आप इसे 30 मिनट तक बढ़ा सकते हैं। यदि आप शीर्षासन लंबे समय तक अभ्यास करना चाहते हैं तो आपको इसे विशेषज्ञ की देखरेख में करना चाहिए। सामान्य परिस्थितियों में इसे 5 से 10 मिनट करना पर्याप्त है। इसके बाद आप समय को बढ़ा सकते हैं।

शीर्ष उत्तानासन  कैसे करते हैं?

सांस अंदर लेते हुए अपनी बाहों को ऊपर की ओर फैलाएं और फिर सांस छोड़ते हुए अपने पैरों की ओर आगे की ओर झुकें। इसके बाद अपनी पीठ को सपाट रखें। 20 से 30 सेकंड तक इसी मुद्रा में रहते हुए गहरी सांस लें। अब अपने पैरों और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए, अपने हाथों को अपने पैरों के बगल में या अपने पैरों पर टिकाएं। इस तरह का अभ्यास लगातार करें।