समाज को जोड़ने  वाली शक्तियों  को संग्रहित करके समाज से वैमनश्यता  मिटाने का कार्य  हरिजन सेवक संघ करे:रमेश भइया 
 

Harijan Sevak Sangh should work towards eradicating animosity from the society by gathering forces that unite the society: Ramesh Bhaiya
 
लखनऊ डेस्क (आर एल पाण्डेय)।  गांधी विनोबा का विचार समाज की बहुत बड़ी शक्ति है। इस देश के प्रधानमंत्री नेहरू जी विनोबा जी की।भूदान यात्रा में ग्यारह बार गांव में मिलने हेतु यात्रा के दौरान  गए।समाज को जोड़ने  वाली सज्जन शक्तियों  को संग्रहित करके समाज से वैमनश्यता  मिटाने का कार्य  हरिजन सेवक संघ करे। क्योंकि वह संस्था  गांधी जी ने समस्या के निवारणार्थ 19 32 में बनाई थी।  

  उक्त विचार विनोबा विचार प्रवाह के सूत्रधार रमेश भइया ने  हरिजन सेवक संघ की राष्ट्रीय कार्यसमिति को दिल्ली गांधी आश्रम कैंप में   संबोधित करते हुए कहा कि जिस तरीके से समाज में वे समस्याएं बढ़ रही हैं जो  सज्जन शक्ति ही निवारण कर सकेगी।बाबा कहा करते।थे कि सरकार तो समास्याशो की जननी है। आज की परिस्थिति भाई चारा पैदा करने की है।

सम विचार की संस्थाओं को।एक।प्लेटफार्म पर लांस असली कार्य है। संघ की स्थापना का 92 वा वर्ष है। यह आपको बड़े भाई की भूमिका निर्वाह करने का बोध करा  रहा है। ताकत जोड़ने  में है।  पद्मश्री सम्मानित श्री उमाशंकर पांडे ने कहा कि में जल का।विद्यार्थी हूं। जल स्वराज के कम के लिए देश में  यात्रा का प्रस्ताव रखा। जिसका सभी ने स्वागत किया।  कार्यक्रम के अध्यक्ष हरिजन सेवक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा शंकर कुमार सान्याल ने कहा कि हमारा प्रयास है कि देश के सभी प्रदेशों में संघ की शाखा हो और हर प्रदेश का अध्यक्ष अपने हर जनपद तक संदेश पहुंचाए। यह खुशी की बात है

कि हरिजन सेवक संघ टीचर्स यूनिवर्सिटी के सौजन्य से अहिंसा पर डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है।  उपाध्यक्ष श्री लक्ष्मी दास ने कहा कि हर राज्य अपने कार्यालय का बोर्ड लगाए तथा सभी राज्य सचिवों के साथ कार्यक्रम साझा करने हेतु तीन दिवसीय एक कार्यशाला हो। श्री नरेश यादव उपाध्यक्ष ने कहा कि संघ का भविष्य स्वर्णिम।दिख रहा है।हमको यह शुभ संकेत मानकर स्वराज का अंतिम धक्का लगाने के लिए जोर लगाने की जरूरत है। सचिव उर्मिला श्रीवास्तव ने कहा कि दादा के अंदर मातृ भाव है जो।देश के लोगों को जोड़ता है।

वह पूरे परिवार को लेकर चल रहे हैं। संघ के है हर व्यक्ति को उनका स्नेह प्राप्त है।उज्जैन सेवाधाम के डा सुधीर गोयल ने सुझाव दिया कि हमारी राज्य इकाइयां आपस में ह्रदय भाव से जुड़ कर एक बड़ा परिवार बनाएं। महाराष्ट्र के मोहन जोशी ने संघ के मित्रों की सोच को और बढ़ाएं जाने।पर बल दिया। कुछ मॉडल देश में खड़े होने चाहिए। गुजरात के डा राजू भाई परमार ने कहा कि अनेक कल्याणकारी कार्यक्रम लेकर हम देश के सामने जाएं। ताकि संघ की सेवा और बढ़ सके। बंगाल की शिखा सान्याल ने कहा कि राज्य इकाइयों का।समूह और भारतीय मित्र समूह हो जिसमें गतिविधियों को शेयर किया जाए।

उत्तर प्रदेश अध्यक्ष कुसुम जौहरी ने प्रदेश में शीघ्र राज्य सम्मेलन करने की योजना बताई। उड़ीसा के आर्यभट्ट मोहंती, हिमाचल के पन्नालाल, तेलंगाना के जयपाल आंध्र प्रदेश के बाजिर भाई, बिहार के श्री राम कुमार मंडल,हरियाणा के स्वामी प्रेमानंद, दिल्ली के अध्यक्ष श्री भगवान शर्मा, उत्तर प्रदेश के डा अशोक शुक्ला सचिव श्री विजय प्रकाश, बंगाल के श्री एन पी सिंह, तमिलनाडु के श्री पी मारुति, हरियाणा की जयवंती श्योकंद दिल्ली की डा निशा बाला त्यागी,  नैपाल के श्री सूर्य भूषण , शशि धर जी ने अपने अपने राज्य की जानकारी दी। अंत में श्री संजय राय सचिव ने आभार दिया।