इंडिया इंक ने नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी का स्वागत किया

इंडिया इंक ने नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी का स्वागत किया
इंडिया इंक ने नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी का स्वागत किया नई दिल्ली, 20 सितम्बर (आईएएनएस)। अपने 72वें जन्मदिन पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुप्रतीक्षित नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी 2022 का शुभारंभ किया। नीति रसद लागत में कमी, माल की निर्बाध आवाजाही को बढ़ावा देने और घरेलू व वैश्विक बाजार में भारतीय सामानों की प्रतिस्पर्धा में सुधार पर जोर देती है।

एनएलपी का शुभारंभ करते हुए, पीएम ने कहा, 13-14 प्रतिशत रसद लागत से, हम सभी को इसे जल्द से जल्द एकल अंक में लाने का लक्ष्य रखना चाहिए, अगर हमें विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनना है।

नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी को प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान द्वारा सु²ढ़ किया जाएगा, जिससे विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों में मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी प्रदान करने की उम्मीद है।

भारतीय रसद उद्योग का मानना है कि यह राष्ट्रीय रसद नीति एक गेम-चेंजर साबित होगी और कोविड -19 दुनिया में एक बहुत जरूरी शॉट-इन-द-आर्म साबित होगी।

फारेआई के सीईओ और सह-संस्थापक कुशाल नाहटा ने कहा, हम राष्ट्रीय रसद नीति के माध्यम से देश में आपूर्ति श्रृंखला दक्षता बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों का स्वागत करते हैं। भारत को चीन, अमेरिका और यूरोप के रूप में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए, सरकार को रसद लागत में कमी लानी चाहिए, जो वर्तमान में अगले पांच वर्षों में लगभग 13-14 प्रतिशत से लगभग 8 प्रतिशत है।

एनएलपी डिजिटलीकरण और प्रौद्योगिकी एकीकरण पर अपने ध्यान के साथ लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में वैश्विक मानकों को लाएगा। यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूलिप) न केवल सभी हितधारकों को एक मंच पर लाने का वादा करता है, बल्कि डेटा एनालिटिक्स की शक्ति का भी उपयोग करेगा। यूलिप लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में अधिक ²श्यता और पारदर्शिता लाएगा और कंपनियों को अधिक लागत-कुशल बनने में मदद करेगा।

नाहटा ने कहा, सीमा पार लॉजिस्टिक्स को खोलने की दिशा में भी आगे बढ़ेंगे। यह सुनिश्चित करेगा कि देश में बने उत्पाद विश्व स्तर पर आसानी से उपलब्ध हों और देश की मेक इन इंडिया नीति के लिए बड़े पैमाने पर बढ़ावा होगा।

ब्लूम ग्लोबल इंडिया के एसवीपी और प्रबंध निदेशक सुधीर उन्नीकृष्णन ने कहा, नई रसद नीति हमारी जैसी प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए नए वैश्विक रास्ते खोलती है और हम इस स्वागत योग्य कदम से खुश हैं।

उन्होंने कहा, भारत जैसे देश में जहां सड़क परिवहन रसद की रीढ़ है, एक एकीकृत बुनियादी ढांचा परिवहन के सभी साधनों में निर्बाध कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा। हमारा यह भी मानना है कि यह एक खुला, तटस्थ मंच प्रदान करके अधिक टिकाऊ वातावरण बनाने में मदद करेगा। एनएलपी और गति शक्ति का संयुक्त उद्देश्य रसद लागत को 10 प्रतिशत से नीचे लाना है और हम पूरी तरह से सहमत हैं कि डिजिटलीकरण और यूलिप उपलब्ध डेटा की बेहतर पहुंच के साथ कार्गो आंदोलन को बढ़ाएंगे।

इसके अतिरिक्त, पीएम ने कहा, त्वरित अंतिम मील वितरण सुनिश्चित करने, समय और धन बचाने और कृषि उत्पादों की बर्बादी को रोकने के लिए, ठोस प्रयास किए गए और अभिव्यक्तियों में से एक एनएलपी है।

ई-लॉग्स (लॉजिस्टिक्स सेवाओं की आसानी), यूलिप जैसी पहलों की शुरूआत न केवल रसद लागत को कम करने में मदद करेगी, बल्कि प्रमुख हितधारकों को सभी आवश्यक डेटा तक पहुंच प्रदान करते हुए प्रक्रियाओं को कागज रहित भी बनाएगी।

--आईएएनएस

आरएचए/एएनएम

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