दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रेशर कुकर की बिक्री पर अमेजन के खिलाफ सीसीपीए के आदेश को स्थगित किया

दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रेशर कुकर की बिक्री पर अमेजन के खिलाफ सीसीपीए के आदेश को स्थगित किया
दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रेशर कुकर की बिक्री पर अमेजन के खिलाफ सीसीपीए के आदेश को स्थगित किया नई दिल्ली, 20 सितम्बर (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन पर घटिया घरेलू प्रेशर कुकर बेचने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। हालांकि, न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने अमेजन को एक सप्ताह के भीतर जुमार्ना जमा करने और खराब प्रेशर कुकर के 2,265 ग्राहकों को सूचना देने के निर्देश दिए हैं।

सीसीपीए से इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने को कहते हुए अदालत ने इसे आगे की सुनवाई के लिए 16 नवंबर की तारीख तय की। 4 अगस्त को, सीसीपीए ने प्राधिकरण द्वारा निर्धारित अनिवार्य मानकों के उल्लंघन में अपने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर घरेलू प्रेशर कुकर की बिक्री की अनुमति देकर उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन के लिए अमेजन के खिलाफ एक आदेश पारित किया।

सीसीपीए ने अनिवार्य मानकों के उल्लंघन में घरेलू प्रेशर कुकर की बिक्री के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के खिलाफ खुद कार्रवाई शुरू की थी। इसने अमेजॅन, फ्लिपकार्ट, पेटीएम मॉल, शॉपक्लूज और स्नैपडील सहित प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के साथ-साथ इन प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत विक्रेताओं को नोटिस जारी किया था। कंपनी द्वारा प्रस्तुत प्रतिक्रिया की जांच के बाद, यह देखा गया कि कुल 2,265 प्रेशर कुकर घटिया थे, अमेजन के माध्यम से बेचे गए थे, और अमेजॅन ने अपने प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऐसे प्रेशर कुकर की बिक्री पर 6,14,825.41 रुपये कमाए थे।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने एक बयान में कहा, अमेजन ने माना कि उसने अपने प्लेटफॉर्म पर बेचे जाने वाले प्रेशर कुकर के लिए बिक्री कमीशन शुल्क अर्जित किया। सीसीपीए द्वारा यह देखा गया कि जब अमेजन अपने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध उत्पाद की प्रत्येक बिक्री से व्यावसायिक रूप से कमाता है, तो अपने मंच के माध्यम से उत्पादों की बिक्री से उत्पन्न होने वाले मुद्दों के मामले मे वह खुद को अलग नहीं कर सकता है।

आदेश में, सीसीपीए ने अमेजॅन को अपने प्लेटफॉर्म पर बेचे गए 2,265 प्रेशर कुकर के सभी उपभोक्ताओं को सूचित करने, प्रेशर कुकर को वापस मंगाने, उपभोक्ताओं को उनकी कीमतों की प्रतिपूर्ति करने और 45 दिनों के भीतर उसी की अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कंपनी को उपभोक्ताओं के अधिकारों के उल्लंघन के लिए 1,00,000 रुपये का जुमार्ना देने का भी निर्देश दिया गया था।

--आईएएनएस

केसी/एएनएम

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