बिहार में बाढ़, अतिवृष्टि से फसलों के नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए 550 करोड़ रुपये मंजूर

बिहार में बाढ़, अतिवृष्टि से फसलों के नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए 550 करोड़ रुपये मंजूर
बिहार में बाढ़, अतिवृष्टि से फसलों के नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए 550 करोड़ रुपये मंजूर पटना, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार में इस साल बाढ़ और अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के लिए सरकार किसानों को जल्द मुआवजा देगी। बिहार मंत्रिमंडल की सोमवार को हुई बैठक में इसके लिए 550 करोड़ रुपये बिहार आकस्मिकता निधि से देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 12 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने बताया कि बैठक में इस साल बाढ़ और अतिवृष्टि से हुए फसलों के नुकसान के लिए कृषि इनपुट अनुदान के तहत 550 करोड़ रुपये बिहार आकस्मिकता निधि से अग्रिम में देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।

उन्होंने कहा कि दलहन एवं तिलहन की मिनी किट योजना के कार्यान्वयन एवं वित्तीय वर्ष 2021-22 में 50 करोड़ 17 लाख 83 हजार रुपये की निकासी एवं व्यय की भी स्वीति दी गई है।

बैठक में दरभंगा एयरपोर्ट के टर्मिनल विस्तार खातिर भूमि अधिग्रहण के लिए राज्य योजना से अनुमानित मुआवजा राशि के भगतान के लिए 3 अरब 36 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव के मंजूर होने के बाद अब दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तारित टर्मिनल के लिए जरूरत की जमीन के अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया है।

स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के लिए केंद्रीय उपक्रमों पावर फाइनेंस करपोरेशन, रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कार्पोरेशन तथा एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज के साथ-साथ बिहार की दोनों वितरण कंपनी के द्वारा भी ओपेक अथवा हाइब्रिड मडल के तहत कार्यान्वित करने की कुल प्राक्कलित राशि 11,100 करोड़ रुपये का 30 प्रतिशत यानी 3330 करोड़ रुपये, दोनों वितरण कंपनियों को नाबार्ड से ऋण प्राप्त करने की स्वीकृति एवं उक्त स्वीकृत राशि में से वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 810 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

इसके अलावा, बैठक में कोरोना से मृत व्यक्तियों के निकटतम आश्रितों को 50,000 रुपये प्रति मृतक की दर से अनुग्रह राशि भुगतान के लिए 50 करोड़ आकस्मिकता निधि से अग्रिम स्वीकृति भी दी गई है।

--आईएएनएस

एमएनपी/एसजीके

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