भारत अभी भी सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, मंदी के कोई संकेत नहीं : वित्त मंत्री

भारत अभी भी सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, मंदी के कोई संकेत नहीं : वित्त मंत्री
भारत अभी भी सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, मंदी के कोई संकेत नहीं : वित्त मंत्री नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि भारत अभी भी सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है, जिसकी वित्तीय स्थिति अन्य देशों की तुलना में काफी बेहतर है।

लोकसभा में मूल्य वृद्धि के मुद्दे पर एक बहस के दौरान बोलते हुए, सीतारमण ने कहा कि वैश्विक एजेंसियों ने अधिकांश देशों की तुलना में भारत की अर्थव्यवस्था को उच्च स्थान दिया है और देश में मंदी के कोई संकेत नहीं हैं।

चीन, श्रीलंका, पाकिस्तान, बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों के साथ-साथ अमेरिका और यूरोपीय देशों के साथ भारत की तुलना करते हुए, उन्होंने कहा कि विभिन्न मापदंडों और आंकड़ों के आधार पर, भारत अन्य देशों की तुलना में बहुत बेहतर स्थिति में है।

उन्होंने कहा, हमने पहले कभी इस तरह की महामारी नहीं देखी और हम सभी यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे थे कि लोगों को अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाए। मैं सांसदों और राज्य सरकारों सहित सभी द्वारा निभाई गई भूमिका को पहचानती हूं।

मंत्री ने कहा, मैं इसके लिए भारत के लोगों को पूरी तरह से श्रेय देती हूं.. विपरीत परिस्थितियों के बीच भी, हम खड़े होने और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में पहचाने जाने में सक्षम थे।

बहस के दौरान सीतारमण और कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, द्रमुक सांसद कनिमोझी, तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय और सुदीप बंद्योपाध्याय के बीच बहस छिड़ गई।

तृणमूल के एक अन्य सांसद कल्याण बनर्जी ने सीतारमण की तीखी आलोचना की और यहां तक कहा, आप नहीं जानती कि कैसे बात करनी है।

चूंकि विपक्षी सदस्य उनके जवाब से संतुष्ट नहीं थे, इसलिए कई नेताओं ने पार्टी लाइन से हटकर वाकआउट किया।

खाद्य पदार्थों पर लगाए गए जीएसटी को लेकर आलोचना का सामना कर रहे वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पेंसिल पर कोई जीएसटी नहीं लगाया गया है, यह कहते हुए कि ढीली वस्तुओं पर कोई जीएसटी नहीं लगाया जा रहा है।

मंत्री ने कहा, आज सुबह हमने जुलाई के लिए 1.49 लाख करोड़ रुपये के जीएसटी संग्रह की घोषणा की, जो जीएसटी लागू होने के बाद से दूसरा सबसे अधिक है। यह लगातार छठा महीना है जब संग्रह 1.4 लाख करोड़ से ऊपर रहा है।

सीतारमण ने कहा कि सरकार खुदरा महंगाई को 7 फीसदी से नीचे लाने के प्रयास कर रही है। घरेलू वस्तुओं के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बाद खाद्य तेल की कीमतों में तेजी से सुधार हुआ है।

--आईएएनएस

आरएचए/एएनएम

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