मप्र में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर हुई तीन हजार रुपये प्रति बोरा

मप्र में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर हुई तीन हजार रुपये प्रति बोरा
मप्र में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर हुई तीन हजार रुपये प्रति बोरा भोपाल, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्रहण करने पर प्रति बोरा मानक दर में पांच सौ रुपये का इजाफा कर दिया गया है। अब इस काम में लगे लोगों को ढाई हजार रुपये के स्थान पर तीन हजार रुपये प्रति मानक बोरा मिलेंगे। इस संबंध में वन विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया है।

म.प्र. राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक पुष्कर सिंह ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा किया जाता है। प्रदेश में 60 जिला वनोपज सहकारी यूनियनों और 1066 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से संग्रहीत किया जाता है। वर्तमान में प्रदेश में 45 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक हैं। इनमें से 50 फीसदी से ज्यादा 23 लाख संग्राहक जनजाति वर्ग के हैं। इसी तरह 40 फीसदी महिला संग्राहक भी हैं।

उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को वन समितियों के सम्मेलन में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तेंदूपत्ता संग्रहण दर बढ़ाए जाने की घोषणा की थी। वर्ष 2021 तक संग्रहण दर 2500 रुपए प्रति मानक बोरा थी। इस वर्ष 16.29 लाख मानक बोरा का लक्ष्य रखा गया है।

बताया गया है कि इस वर्ष तेंदूपत्ता संग्रहण की दर में बढ़ोत्तरी से संग्रहण कार्य में लगे संग्राहकों को 500 करोड़ रुपए का संग्रहण पारिश्रमिक मिलेगा। यह पिछले वर्ष की तुलना में 81 करोड़ रुपए का अतिरिक्त पारिश्रमिक होगा, जिससे ग्रीष्म ऋतु में रोजगार के अतिरिक्त साधन के रूप में उपलब्ध कराने में सहायक होगा।

प्रबंध संचालक सिंह ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभांश की राशि भी वितरित की जाती है। इस वर्ष से लाभांश के शुद्ध लाभ का 70 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत सीधे तेंदूपत्ता संग्राहकों को वितरित किए जाने का निर्णय पूर्व में लिया जा चुका है।

--आईएएनएस

एसएनपी/एसकेपी

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