राज्यों की 10 साल की उधारी लागत पिछले सप्ताह से 15 आधार अंकों से अधिक गिरी

राज्यों की 10 साल की उधारी लागत पिछले सप्ताह से 15 आधार अंकों से अधिक गिरी
राज्यों की 10 साल की उधारी लागत पिछले सप्ताह से 15 आधार अंकों से अधिक गिरी मुंबई, 3 अगस्त (आईएएनएस)। बेंचमार्क सरकारी बॉन्ड पर प्रतिफल में भारी गिरावट के बाद पिछले सप्ताह से राज्यों के विकास ऋण (एसडीएल) की उधार लागत में 10 साल की परिपक्वता के साथ 15 आधार अंकों से अधिक की गिरावट आई है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के अनुसार, राज्यों के लिए 10 साल की भारी औसत उधारी लागत 2 अगस्त को 7.65 प्रतिशत थी, जो पिछले सप्ताह में 7.80 प्रतिशत से कम दर्ज की गई थी। इसके अनुसार, 10-वर्षीय एसडीएल और जी-सेक के भारित औसत कट-ऑफ के बीच का प्रसार पहले के 45 आधार अंकों से कम होकर 40 आधार अंकों से कम हो गया।

जेएम फाइनेंशियल के एमडी और हेड इंस्टीट्यूशनल फिक्स्ड इनकम, अजय मंगलुनिया ने कहा, हमारे बाजार में यील्ड 7.37 फीसदी से गिरकर 7.23 फीसदी पर आ गई है और पिछले कुछ दिनों में फेड की कम हॉकिश टोन और सॉफ्टनिंग क्रूड के कमेंट्री से संकेत लेने से यूएस यील्ड में काफी तेजी आई है। मुद्रास्फीति के बढ़ते डर ने व्यापारियों को निवेश के लिए कॉल करने के लिए प्रेरित किया है और इसके परिणामस्वरूप प्रतिफल नीचे गिरा है।

ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें मंगलवार को भारतीय बाजार समय तक 100 डॉलर प्रति बैरल के प्रमुख मनोवैज्ञानिक निशान से नीचे रहीं। वहीं, अमेरिकी ट्रेजरी नोटों पर यील्ड सोमवार को सात आधार अंक गिरकर 2.60 फीसदी पर आ गई।

आईएएनएस के एक सर्वेक्षण में, विभिन्न अर्थशास्त्रियों और फंड प्रबंधकों को उम्मीद थी कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की दर-निर्धारण समिति अगस्त की मौद्रिक नीति बैठक में रेपो रेट में 25-50 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर सकती है।

बाजार सहभागियों को उम्मीद है कि एसडीएल पर प्रतिफल आने वाले दिनों में नीतिगत बैठक तक सीमित रहेगा और केंद्रीय बैंक के मार्गदर्शन के बाद मूवमेंट देखा जाएगा।

--आईएएनएस

एसकेके/एसजीके

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