वित्त मंत्री और अन्य मुख्यमंत्रियों से पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में लाने के बारे में बात करें स्टालिन : पनीरसेल्वम

वित्त मंत्री और अन्य मुख्यमंत्रियों से पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में लाने के बारे में बात करें स्टालिन : पनीरसेल्वम
वित्त मंत्री और अन्य मुख्यमंत्रियों से पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में लाने के बारे में बात करें स्टालिन : पनीरसेल्वम चेन्नई, 11 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एवं अन्नाद्रमुक के समन्वयक ओ पनीरसेल्वम ने बुधवार को मुख्यमंत्री एम के स्टालिन से आग्रह किया कि वह पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के लिये केंद्रीय वित्त मंत्री और अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा करें।

ओ पनीरसेल्वम ने कहा कि जब स्टालिन विपक्ष में थे तो उन्होंने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की थी और द्रमुक के वरिष्ठ नेता एवं सांसद टी आर बालू ने कहा था कि वह इस दिशा में किये जा रहे प्रयासों का समर्थन करेंगे।

उन्होंने कहा कि हाल में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि अगर तमिलनाडु के वित्त मंत्री पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने पर सहमत होते हैं तो ऐसा हो सकता है।

ओ पनीरसेल्वम ने कहा कि इस संबंध में द्रमुक और केंद्र सरकार दोनों की राय एक ही है।

उन्होंने कहा कि अगर पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाये तो इससे इनकी कीमतों में 25 से 30 रुपये प्रति लीटर की कमी आयेगी।

ओ पनीरसेल्वम ने साथ ही कहा कि द्रमुक ने डीजल की कीमतों में चार रुपये की कटौती करने के अपने चुनावी वादे को भी पूरा नहीं किया।

उन्होंने कहा कि जबसे तमिलनाडु में द्रमुक सत्ता में आया है तबसे पेट्रोल की कीमतें 17.68 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतें 14.29 रुपये प्रति लीटर बढ़ी हैं। इससे राज्य सरकार खूब अधिक राजस्व प्राप्त कर रही है।

--आईएएनएस

एकेएस/एसकेपी

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