क्यों विदेशों पैसे देकर लगते हैं लोग गाय के गले, क्या है Cow Hug Therapy? | Cow Cuddling Therapy

 What are the benefits of cow hugging?

What Are The Benefits Of Cow Hugging?
What Is Cow Cuddling Therapy?
How Much Does Cow Cuddling Therapy Cost?

अगर आपसे पूछा जाए कि 14 फरवरी को क्या होता है तो आप बिना एक पल भी गवाए कहेंगे वेलेंटाइन डे, लेकिन पिछले साल यानी 2023 में 14 फरवरी भारतीय गाय को लेकर काफी चर्चा में रहा। भारत में गाय को माता की तरह पूजा जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग गाय को घर की सुख-समृद्धि के लिए पालते और सेवा करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि अब भारतीय नस्ल की गायों को विदेशों में मानसिक रोगों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। 

काऊ हग डे की क्या है कहानी? 

काऊ हग डे की क्या है कहानी? 

पिछले साल भारतीय पशु कल्याण बोर्ड ने 14 फरवरी, वैलेंटाइन डे के दिन जनता से 'काऊ हग डे' यानी गायों को गले लगाने की अपील की थी। बोर्ड का कहना था कि, गायों को गले लगाने से लोगों में 'भावनात्मक समृद्धि' आएगी और यह लोगों की व्यक्तिगत और सामूहिक खुशियों को बढ़ाएगा। बोर्ड ने 6 फरवरी को एक पत्र जारी करते हुए लिखा था कि, गाय भारतीय संस्कृति और हमारे जीवन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हम गाय को 'गौमाता' के रूप में देखते हैं। लेकिन पाश्चात्य सभ्यता के बढ़ते प्रभाव के कारण भारतीय वैदिक परंपराएं विलुप्त होती जा रही हैं। हलाकि काफी विरोध के बाद इस अपील को वापस ले लिया गया था। 

What Is Cow Cuddling Therapy

क्या है 'काऊ हग थेरेपी' ? Cow Cuddling Benefits

विदेशों में भारतीय गाय की मदद से मानसिक तौर पर बीमार लोगों का इलाज किया जा रहा है। इसके लिए कई देशों में काऊ कडलिंग केंद्र बनाए गए हैं, जहां मानसिक शांति के लिए लोग जाते हैं और गायों को गले लगाते हैं। कमाल की बात तो ये है कि इन गायों को गले लगाने के लिए लोग पैसे भी देते हैं। लोगों कहना है कि उन्हें गायों के साथ समय बिताकर सुकून मिल रहा है। इसीलिए वे गाय को गले लगाने और सेवा करने के लिए ऐसे केंद्रों पर जाते हैं। भारतीय मूल की गायों को चुनने का कारण ये है कि ये अन्य गायों के मुकाबले अधिक मिलनसार और शांत होती हैं। 

गाय को गले लगाने से क्या होता है?

इसे लेकर वैज्ञानिकों का दावा है कि अगर कोई गाय को गले लगाता है तो इससे मानसिक शांति और मानसिक विकारों को दूर करने में सहायता मिल सकती है। खासकर, जो लोग बहुत ज्यादा तनाव, चिंता और डिप्रेशन में रहते हैं। ऐसे लोगों के लिए गायों को गले लगाना, उन्हें सहलाना और उनके साथ वक्त बिताना फायदेमंद हो सकता है। वहीं 'एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया' का भी दावा है कि गाय को गले लगाने से आपको खुशी मिलती है और साथ ही इससे आपके जीवन में सकारात्मकता आती है। 

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काऊ कडलिंग थेरेपी की विदेशों में है डिमांड 

अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया जैसे कई ऐसे देश हैं जहां यह थैरेपी लोग ले रहे हैं। विदेशों में  गाय को गले लगाना काऊ कडलिंग थेरेपी के नाम से जाना जाता है। खासकर कोरोना महामारी के समय में यह थेरेपी काफी ट्रेंड में थी। लोग इसके लिए 200 डॉलर यानी 16 हजार से अधिक का पे कर रहे थे। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मानव शरीर में तनाव हार्मोन को घटाने और हैप्पी करने वाले हार्मोन को बढ़ाने का काम करती है। हलाकि भारतीय संस्कृति में गाय को सहलाने, सेवा करने और खाना खिलाने की परंपरा प्राचीन है और इसके अनेक लाभों का वर्णन भी किया गया है। 


 

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