कोरोना काल में अभाविप का निशुल्क ऑनलाइन सदस्यता अभियान

कोरोना काल में अभाविप का निशुल्क ऑनलाइन सदस्यता अभियान
कोरोना काल में अभाविप का निशुल्क ऑनलाइन सदस्यता अभियान नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, दिल्ली प्रदेश अपनी सदस्यता का दूसरा चरण 15 जनवरी, से 19 जनवरी, तक आयोजित करेगा। सदस्यता का दूसरा चरण प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए होगा। कोरोना काल के चलते , यह सदस्यता अभियान इस वर्ष ऑनलाइन माध्यम से होगा तथा निशुल्क रहेगा।

सदस्यता का मुख्य उद्देश्य अभाविप का छात्रों के मध्य जाना, उन्हें अभाविप के उद्देश्य तथा कार्यप्रणाली से अवगत करवाना है। सदस्यता का प्रथम चरण सितंबर 2021 में हुआ था जिसमें, नगर एवं महाविद्यालय, दोनों ही स्तर पर 30 हजार से अधिक छात्र अभाविप से जुड़े थे।

अभाविप दिल्ली ने कहा सदस्यता अभियान का दूसरा चरण 15 जनवरी से प्रारंभ हो रहा है। हमारे कार्यकर्ता छात्रों के बीच जाकर, उनसे संवाद करके उन्हें अभाविप से अवगत करवाएंगे तथा हमें विश्वास है कि अधिक से अधिक छात्र इस सदस्यता अभियान के माध्यम से हमसे जुड़ेंगे। अभाविप वर्ष भर छात्रों के बीच में काम करता है, इसलिए हमें पूर्णत विश्वास है कि प्रथम वर्ष में दाखिला पाने वाले सभी छात्र विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन से जुड़ कर देश हित में कार्य करेंगे।

गौरतलब है कि हाल ही में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के 67वे राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन किया गया था। इस आयोजन में कैलाश सत्यार्थी शामिल हुए। कैलाश सत्यार्थी नोबल पुरस्कार विजेता हैं।

कैलाश सत्यार्थी एक भारतीय समाज सुधारक हैं, जिन्होंने भारत में बाल श्रम के खिलाफ अभियान चलाया और शिक्षा के सार्वभौमिक अधिकार की वकालत की। बच्चों और युवाओं के दमन के खिलाफ और सभी बच्चों के शिक्षा के अधिकार के उनके संघर्ष के लिए वर्ष 2014 में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त हुआ। वह बचपन बचाओ आंदोलन, ग्लोबल मार्च अगेंस्ट चाइल्ड लेबर, ग्लोबल कैंपेन फॉर एजुकेशन और कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता संगठनों के संस्थापक हैं।

जबलपुर में आयोजित अधिवेशन के उद्घाटन एवं प्रोफेसर यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार के वितरण में नोबल शांति पुरस्कार प्राप्तकर्ता कैलाश सत्यार्थी, प्रा यशवंत राव केलकर युवा पुरस्कार 2021 विजेता कार्तिकेयन गणेशन उपस्थित रहे।

अभाविप के अधिवेशन में देश भर के 700 से अधिक प्रतिनिधि प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे एवं हजारों प्रतिनिधि देश भर के 2704 स्थानों पर आभासीय माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएनएम

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