जेएनयू में भी लागू हुआ केंद्रीय विश्वविद्यालय कॉमन एंट्रंेस टेस्ट

जेएनयू में भी लागू हुआ केंद्रीय विश्वविद्यालय कॉमन एंट्रंेस टेस्ट
जेएनयू में भी लागू हुआ केंद्रीय विश्वविद्यालय कॉमन एंट्रंेस टेस्ट नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में 2022-23 में शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र में केंद्रीय विश्वविद्यालय कॉमन एंट्रेस टेस्ट के जरिए दाखिला मिलेगा। देश के सबसे बड़े केंद्रीय विश्वविद्यालय दिल्ली विश्वविद्यालय पहले ही यह निर्णय ले चुका है। दिल्ली विश्वविद्यालय के उपरांत अब जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में भी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर दाखिले देने का निर्णय किया है।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कई प्रोफेसर शिक्षक एवं छात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय कॉमन एंट्रेंस टेस्ट के खिलाफ थे। इनमें से कई लोगों ने शिक्षकों ने विश्वविद्यालय की बैठकों में एस कॉमन एंट्रेंस टेस्ट को लेकर अपना विरोध भी दर्ज किया लेकिन अब जेएनयू में यह प्रावधान पारित कर दिया गया है।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दाखिला विभाग के निदेशक जयंत के त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार को एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इस नई व्यवस्था से पहले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए विश्वविद्यालय द्वारा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की मदद से देश के कई हिस्सों में एक साथ प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करवाई जाती रही है।

अब जेएनयू द्वारा ली जाने वाली प्रवेश परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएंगी, बल्कि इनके स्थान पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा केंद्रीय विश्वविद्यालय कॉमन एंट्रेंस टेस्ट का आयोजन किया जाएगा।

विश्वविद्यालय के दाखिला निदेशक जयंत के. त्रिपाठी ने बताया कि विश्वविद्यालय की 159वीं एकेडमिक काउंसिल की बैठक 12 जनवरी को हुई। इसी बैठक में फैसला लिया गया है कि जेएनयू में दाखिला प्रक्रिया कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट के जरिये आयोजित की जाएगी।

देश के अधिकांश केंद्रीय विश्वविद्यालयों में आगामी शैक्षणिक सत्र से दाखिले की प्रक्रिया बदलने जा रही है। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए अब सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट यानी सीयूसीईटी आयोजित किए जाएंगे। इसी टेस्ट के जरिए विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिला दिया जाएगा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी ने इस संबंध में देश भर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों को सूचित कर दिया है। यूजीसी से मिले आधिकारिक निदेशरें के बाद विश्वविद्यालयों ने कॉमन एंट्रेंस टेस्ट के लिए तैयारियां भी शुरू कर दी है। दिल्ली विश्वविद्यालय समेत अनेक केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने 2022- 2023 शैक्षणिक सत्र के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट को अनिवार्य भी कर दिया है।

इन केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने बकायदा कॉमन एंट्रेंस टेस्ट को लेकर विश्वविद्यालयों की एकेडमिक काउंसिल और एग्जिक्यूटिव काउंसिल में प्रस्ताव भी पास किए हैं। प्रमुख शिक्षाविद सीएस कांडपाल के मुताबिक यह एक नई व्यवस्था है जिसे अनुभव के आधार पर परखा जाएगा, अभी से इसके गुण दोषों पर टिप्पणी उचित नहीं है। शिक्षण संस्थानों को एक सकारात्मक बदलाव के तौर पर इसे देखना चाहिए। यह परीक्षा कई छात्रों के लिए नए द्वार खोलने में सक्षम है। यदि भविष्य में इन परीक्षाओं के आयोजन अथवा प्रक्रिया में कोई त्रुटि आती है तो उसे सुधारने की गुंजाइश है।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएनएम

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