नई दिल्ली में 14 प्रदूषण हॉटस्पॉट कि पहचान की गई

नई दिल्ली में 14 प्रदूषण हॉटस्पॉट कि पहचान की गई
नई दिल्ली में 14 प्रदूषण हॉटस्पॉट कि पहचान की गई नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। ग्रीन दिल्ली ऐप पर दर्ज शिकायतों के आधार पर, राजधानी शहर में 14 प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान की गई है, जिसमें दक्षिणी दिल्ली क्षेत्र सबसे ऊपर हैं।

इन 14 हॉटस्पॉट में से 10 सड़क के किनारे और खाली जमीन पर अवैध रूप से कचरा फेंकने, सड़क के किनारे निर्माण और विध्वंस कचरे (सी एंड डी) कचरे के दो अवैध डंपिंग, सार्वजनिक भूमि, यमुना बाढ़ के मैदान और धूल प्रदूषण के कारण प्रदूषित हैं। दिल्ली सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार कचरा जलाने और प्लास्टिक कचरे को जलाने का डेटा एकत्र करने के लिए मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया गया है।

नई दिल्ली के हॉटस्पॉट रिंग रोड, हैमिल्टन रोड, श्री अरबिंदो मार्ग, वसंत कुंज, मजनू का टीला और संगम विहार में स्थित हैं।

शादीपुर, पश्चिम विहार, टिकरी बॉर्डर, नांगलोई, आनंद पर्वत, नजफगढ़, नरैना, जे.जे. कालोनी, सैनिक फार्म, पंजाबी बाग, उत्तम नगर, टैगोर गार्डन एक्सटेंशन पश्चिमी दिल्ली क्षेत्र में कुछ प्रदूषण उत्पन्न करने वाले बिंदु हैं।

पूर्वी दिल्ली में सबसे ज्यादा शिकायतें धूल प्रदूषण की मिली हैं। गाजीपुर, कल्याण पुरी, मयूर विहार फेज-3 और त्रिलोक पुरी में कुल छह हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं।

त्रिलोकपुरी के पास एक मेट्रो निर्माण स्थल ने क्षेत्र के धूल भरे वातावरण में और योगदान दिया है।

मध्य दिल्ली के दरियागंज, चंडी चौक, रेलवे कॉलोनी, पहाड़गंज और नेहरू नगर सहित अन्य स्थानों में कुल 15 मूल स्थान स्थित हैं।

दक्षिण दिल्ली में 33 प्रदूषण हॉटस्पॉट हैं, जिनमें बायोमास जलाने, निर्माण और विध्वंस से धूल, सड़क की धूल के कारण मालवीय नगर, आर.के. पुरम, मोती बाग, फ्रेंड्स कॉलोनी, साकेत, लाडो सराय, कालकाजी और मुनिरका प्रभीवित है।

उत्तरी दिल्ली के छह हॉटस्पॉट में जहांगीरपुरी, शास्त्री पार्क, नरेला जैसी जगहें सरकार के रडार पर हैं।

शेष बिंदु शाहदरा, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व, उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में स्थित हैं।

मंगलवार को आईओएस यूजर्स के लिए ग्रीन वॉर रूम और ग्रीन दिल्ली ऐप लॉन्च करते हुए दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने मीडिया को बताया कि पिछले एक साल में आवेदन पर मिली शिकायतों की मदद से कुल 150 प्रदूषण हॉटस्पॉट राष्ट्रीय राजधानी में चिन्हित किए गए है।

उन्होंने कहा था कि इन प्रदूषण हॉटस्पॉट पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और संबंधित विभागों और अधिकारियों की मदद से निवारक कार्रवाई की जाएगी।

यह 24 इनटू 7 ग्रीन वॉर रूम अक्टूबर से फरवरी तक सक्रिय रूप से काम करेगा क्योंकि इस दौरान दिल्ली की हवा सबसे अधिक प्रदूषित होती है।

सर्दियों की शुरूआत के साथ ही दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगता है जिससे अत्यधिक जहरीला वातावरण बन जाता है।

अपने धूल-विरोधी अभियान के तहत, दिल्ली सरकार ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति की 17 टीमों और ग्रीन मार्शलों की 14 टीमों का गठन किया है, जो राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के मूल बिंदुओं जैसे निर्माण स्थलों, कचरे के डंपिंग और कचरा जलाने की जाँच करेंगे। इस तरह की गतिविधियों को रोकेंगे।

इसके अलावा दिल्ली सरकार की ओर से 14 सूत्री दिशानिर्देश और 10 सूत्री शीतकालीन कार्य योजना भी पेश की गई है।

--आईएएनएस

एमएसबी/आरजेएस

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