भारत के दूसरी श्रेणी के शहरों की वैश्विक आकांक्षाओं को पूरा करते हुए ओमनीचैनल कार्यालय मॉडल ने शैक्षिक क्रांति को गति दी

भारत के दूसरी श्रेणी के शहरों की वैश्विक आकांक्षाओं को पूरा करते हुए ओमनीचैनल कार्यालय मॉडल ने शैक्षिक क्रांति को गति दी
भारत के दूसरी श्रेणी के शहरों की वैश्विक आकांक्षाओं को पूरा करते हुए ओमनीचैनल कार्यालय मॉडल ने शैक्षिक क्रांति को गति दी नई दिल्ली, 11 जनवरी (आईएएनएस)। समाज का एक अभिन्न अंग होने के कारण शिक्षा के क्षेत्र में वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बेहतर शैक्षिक केन्द्रों, संस्थानों और पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

देश में इस समय छात्र प्रासंगिक, सस्ती और सुलभ सेवाओं के बेहतर समावेशी विकल्प की तलाश में हैं ताकि उन्हें अपना करियर वैश्विक स्तर के अनुरूप बनाने के लिए आवश्यक सर्वोत्तम शिक्षा विकल्पों का लाभ उठाने में मदद मिल सके।

वैश्विक शिक्षा सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी संगठन, आईडीपी ने बाजार की इस अधूरी जरूरत को समझते हुए, विशेष रूप से देश के अंदरूनी हिस्सों में, देश भर में 23 नए कार्यालय लॉन्च किए हैं।

ये कार्यालय विदेशों में अध्ययन करने के इच्छुक छात्रों को उनकी सुविधा के लिए वर्चुअल और व्यक्तिगत रूप से पूरी सहायता प्रदान करने के लिए एक ओमनीचैनल मॉडल पर काम करेंगे। हाल के विस्तार के साथ, आईडीपी ने कुल 67 कार्यालयों के साथ 60 शहरों तक अपनी पहुंच बढ़ा ली है। ऐसा करने के बाद आईडीपी इस उद्योग में अग्रणी बाजार खिलाड़ी बन गया है।

कार्यालयों का नया नेटवर्क आईडीपी को अपनी विश्व स्तरीय परामर्श सेवाओं को देश के अंदरूनी हिस्सों तक ले जाने में सक्षम बनाएगा, विशेष रूप से दूसरी तथा तीसरी श्रेणी के शहरों में रहने वाले छात्रों की सहायता करेगा। ये नए कार्यालय गांधीनगर, आनंद, रायपुर, शिमला, कुरुक्षेत्र, जम्मू, त्रिची, त्रिशूर, पटना, गुवाहाटी, कालीकट, आगरा, जोधपुर, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, हुबली, वारंगल, तिरुपति, काकीनाडा, गोवा और नासिक में खोले जाने की तैयारी की जा रही है।

आईडीपी से पिछले एक वर्ष में विदेशों में अध्ययन से संबंधित हजारों लोगोंे ने जानकारी मांगी है जिनमें से तीस हजार दूसरी श्रेणी के शहरों से थे। आईडीपी की समर्पित शोध टीम ने एक साल तक पूरी जानकारी जुटाने के बाद प्राप्त संचयी आंकड़ों के आधार पर, रणनीतिक रूप से इन शहरों का चयन किया। इसमें यह बात उभर कर सामने आई कि छोटे शहरों और दूरदराज के शहरों से आने वाले बच्चों को विदेशों में पढ़ाई संबंधी अधिक जिज्ञासा थी और उनके पूछे गए सवालों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसलिए, बाजार में इस क्षेत्र में कमी और शिक्षा परामर्श सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए, आईडीपी की टीम ने उपर्युक्त शहरों का अंतिम रूप से चयन किया जो मुख्य रूप से देश की राजधानियां या शैक्षिक केंद्र हैं। आईडीपी बच्चों की प्रतिभा को निखारने और छात्रों को उनकी वास्तविक क्षमता तक पहुँचने में मदद करने में मजबूती से विश्वास करता है। इसलिए उसने लाखों छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद करने के लिए सही समय पर मदद की औैर वे दुनिया के कुछ सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश पाने में सफल हुए हैं। यह भौगोलिक विस्तार छात्रों को आईडीपी के परामर्शदाताओं और विशेषज्ञों से सीधे जुड़ने में सक्षम बनाएगा और उनके अध्ययन गंतव्य, संस्थान को शॉर्टलिस्ट करने, विभिन्न संस्थानों के लिए आवेदन प्रक्रियाओं को समझने, प्रवेश प्रस्ताव प्राप्त करने और छात्र-वीजा संबंधी चिंताओं के संबंध में उनकी सभी जरूरतों को पूरा करेगा। आईडीपी उन्हें आवास, स्वास्थ्य बीमा, बैंक खाते खोलने आदि सहित अन्य सेवाओं में भी सहायता करेगा।

इन सेवाओं में विस्तार का मकसद छात्रों को उनके मूल स्थान से सपनों के गंतव्य ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका यूके, कनाडा, न्यूजीलैंड और आयरलैंड जैसी जगहों तक जाने में मदद करना है।

इस अवसर पर, श्री पीयूष कुमार, क्षेत्रीय निदेशक (दक्षिण एशिया और मॉरीशस), आईडीपी एजुकेशन ने कहा, हम देश भर में अपने 23 नए कार्यालय खोलने को लेकर बहुत उत्साहित हैं। केवल पांच साल पहले भारत में आईडीपी के लगभग 18 कार्यालय थे और आज इसने 67 कार्यालयों के साथ 60 शहरों में अपने आधार का विस्तार किया है। हमारी जड़ों के इस विस्तार ने हमें गर्व से भर दिया है और हमें टियर 2 शहरों में रहने वाले छात्रों को उनके सपनों को पूरा करने में मदद करने के लिए एक बड़ा लक्ष्य और जिम्मेदारी दी है। इसके नेटवर्क का विस्तार अब इसे हर क्षेत्र में अपनी सेवाएं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन देन में में सक्षम बनाता है। यह छोटे शहरों में रहने वाले छात्रों को उचित संसाधनों और सूचनाओं के साथ सशक्त बनाता है। आईडीपी का मानना है कि ये नए कार्यालय देश के हर काने में छात्रों की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेंगे।

आईडीपी के पास अपने केंद्रों के बड़े पैमाने पर लॉन्च के लिए बेहतर समय नहीं हो सकता था क्योंकि इन अप्रत्याशित समय में संगठनों की ओर से एक लचीला ²ष्टिकोण और हाइब्रिड मॉडल अपनाने का आह्वान किया गया था। इसके ओमनीचैनल कार्यालय छात्रों को निर्णय लेने की उनकी महत्वपूर्ण प्रक्रिया के महत्वपूर्णअपने परामर्शदाता के संपर्क में रहने के लिए विभिन्न प्रकार की सेवाओं की सुविधा प्रदान करते हैं। ये ओमनीचैनल कार्यालय छात्रों को वह सुविधा प्रदान करते हैं जहां वे अपनी सुविधा के अनुसार वर्चुअल और व्यक्तिगत दोनों माध्यमों से अपने परामर्शदाताओं से जुड़े रह सकते हैं। आईडीपी का ज्ञान इसे वर्तमान समय की सीमाओं और चुनौतियों को समझने में मदद करता है। इस प्रकार, यह घर पर एक छात्र को आराम से विदेश में एक विश्व स्तरीय अध्ययन परामर्श अनुभव प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकी का सर्वोत्तम उपयोग कर रहा है।

आईडीपी का लक्ष्य उभरती चुनौतियों के बावजूद, वर्ष 2022 के लिए, देश भर में शैक्षिक परामर्शदाताओं और विशेषज्ञों का एक मजबूत और बेहतर मंच स्थापित करना है, जिसे छात्र आसानी से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से एक्सेस कर सकते हैं। दुनिया भर में शिक्षा की प्रवृत्ति में हर क्षेत्र में हुए परिवर्तन को देखते हुए, सीखना अब संपूण जीवन का हिस्सा बन रहा है ।

इसलिए, आईडीपी का लक्ष्य अपनी सेवाओं के मानकों को बनाए रखना है और सबसे अच्छी तरह से सेवा प्रदाता बनना है, जिससे छात्रों/करियर परिवर्तकों और मध्यम स्तर के पेशेवरों को वैश्विक शिक्षा द्वारा समर्थित एक समृद्ध करियर बनाने के अपने सपने को प्राप्त करने में सक्षम बनाया जा सके। इसके अलावा, आईडीपी छात्रों को उनकी सुविधा के अनुसार सेवा देने के लिए अपने डिजिटल बुनियादी ढांचे और प्रणाली को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। वर्ष 2022 के लिए कई बिंदुओं पर काम किया जा रहा हैं। इसमें आईडीपी लाइव ऐप भी लॉन्च करेगा, जिससे छात्र अपने घर से अपनी पसंद के संस्थान में प्रवेश पाने की संभावनाओं की समीक्षा कर सकेंगे। आईडीपी छात्रों को बेहतर तरीके से विश्व स्तरीय विदेशी शिक्षा सहायता प्रदान करने में गर्व महसूस करता है।

--आईएएनएस

जेके

Share this story