आस्ट्रेलिया के लोगों में कोरोनावायरस संक्रमण का डर सबसे ज्यादा

आस्ट्रेलिया के लोगों में कोरोनावायरस संक्रमण का डर सबसे ज्यादा
आस्ट्रेलिया के लोगों में कोरोनावायरस संक्रमण का डर सबसे ज्यादा कैनबरा, 20 नवंबर (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया के लोग सोचते हैं कि पूर्ण वैक्सीनेशन के बावजूद भविष्य में उन्हें कोरोना हो सकता है। ये जानकारी एक सर्वेक्षण में सामने आई है।

ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी (एएनयू) के शोधकर्ताओं ने हाल ही में देशभर में कोरोनावायरस महामारी के प्रभाव पर अपने अध्ययन का नवीनतम संस्करण प्रकाशित किया।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, इसमें पाया गया कि 40 प्रतिशत ऑस्ट्रेलिया के लोग सोचते हैं कि अगले छह महीनों में उन्हें कोरोनावायरस होने की बहुत संभावना है, जो महामारी का उच्चतम दर है।

एएनयू के सेंटर फॉर सोशल रिसर्च के अध्ययन के सह-लेखक निकोलस बिडल ने कहा कि संक्रमण का डर अप्रैल 2021 की तुलना में चार गुना अधिक हो गया है।

उन्होंने शुक्रवार को एक मीडिया विज्ञप्ति में कहा, अप्रैल 2021 में लगभग 10 में से एक ऑस्ट्रेलियाई, 10.7 प्रतिशत, चिंतित थे कि वे कोरोना से संक्रमित हो जाएंगे। अब, हम में से 40 प्रतिशत ऐसा ही सोचते हैं।

उन्होंने कहा, यह एक बहुत बड़ी बात है जो यह दर्शाती है कि भले ही ऑस्ट्रेलियाई लोगों को कोरोना के खिलाफ टीका लगाया जा रहा है, लेकिन हम में से कई लोग ऐसा सोचते हैं कि हमें कोरोना हो जाएगा, खासकर जब देश धीरे-धीरे खुल रहा है।

उत्तरदाताओं का हिस्सा जिन्होंने कहा कि वे महामारी के कारण गंभीर मानसिक तनाव का अनुभव कर रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया में शनिवार की सुबह, कोरोनावायरस के स्थानीय 1,363 नए मामले सामने आए क्योंकि देश कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से जूझ रहा है।

ज्यादातर नए मामले विक्टोरिया में सामने आए, जो देश का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है, जिसकी राजधानी मेलबर्न है, जहां कोरोना के 1,166 मामले और 5 मौतें हुई।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, शुक्रवार तक, 16 वर्ष और उससे अधिक आयु के 91.4 प्रतिशत आस्ट्रेलियाई लोगों को कम से कम एक वैक्सीन की खुराक मिली है और 84.9 प्रतिशत को पूरी तरह से टीका लगाया गया है।

--आईएएनएस

एसएस/एएनएम

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