पौधे पर आधारित एक एंटीवायरल उपचार डेल्टा कोरोना वेरिएंट को रोकने में प्रभावी: अध्ययन

पौधे पर आधारित एक एंटीवायरल उपचार डेल्टा कोरोना वेरिएंट को रोकने में प्रभावी: अध्ययन
पौधे पर आधारित एक एंटीवायरल उपचार डेल्टा कोरोना वेरिएंट को रोकने में प्रभावी: अध्ययन लंदन, 21 नवंबर (आईएएनएस)। पौधे पर आधारित एक एंटीवायरल उपचार कोरोनावायरस के सभी स्ट्रेन यहां तक की अत्यधिक संक्रामक डेल्टा वेरिएंट को अवरुद्ध करने में प्रभावी पाया गया।

यूके में नॉटिंघम विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने पाया कि डेल्टा वेरिएंट, अन्य स्ट्रेन की तुलना में यह कोशिकाओं में जल्दी जुड़कर पास की कोशिकाओं को संक्रमित करता है।

दो अलग-अलग सार्स-सीओवी-2 वेरिएंट के साथ सह-संक्रमण में, डेल्टा वेरिएंट ने अपने सह-संक्रमित भागीदारों को भी बढ़ाया है।

अध्ययन से यह भी पता चला है कि हाल ही में वैज्ञानिकों के एक ही समूह द्वारा मूल सार्स-सीओवी-2 सहित अन्य वायरस को अवरुद्ध करने के लिए वैज्ञानिकों के एक ही ग्रुप द्वारा खोजी गई एक नई प्राकृतिक एंटीवायरल दवा, जिसे थापसीगारगिन (टीजी) कहा जाता है, सभी नए सार्स-सीओवी-2 जिसमें डेल्टा वेरिएंट भी शामिल है, उसके इलाज में उतना ही प्रभावी है।

अपने पिछले अध्ययनों में, टीम ने दिखाया कि पौधे से प्राप्त एंटीवायरल, छोटी खुराक पर सार्स-सीओवी-2 सहित तीन प्रमुख प्रकार के मानव श्वसन वायरस के खिलाफ एक अत्यधिक प्रभावी ब्रॉड-स्पेक्ट्रम होस्ट-केंद्रित एंटीवायरल जन्मजात प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बढ़ाता है।

जर्नल विरुलेंस में प्रकाशित इस नवीनतम अध्ययन में, टीम ने यह पता लगाने के लिए निर्धारित किया कि सार्स-सीओवी-2 के उभरते अल्फा, बीटा और डेल्टा वेरिएंट एक-दूसरे के सापेक्ष कोशिकाओं में एक प्रकार के संक्रमण के रूप में कितनी अच्छी तरह गुणा करने में सक्षम हैं। सह-संक्रमण- जहां कोशिकाएं एक ही समय में दो प्रकारों से संक्रमित होती हैं।

टीम यह भी जानना चाहती थी कि टीजी इन उभरते हुए रूपों को रोकने में कितना प्रभावी था।

तीनों में से, डेल्टा वेरिएंट ने कोशिकाओं में गुणा करने की उच्चतम क्षमता दिखाई, और यह सीधे पड़ोसी कोशिकाओं में फैलने में सक्षम था। संक्रमण के 24 घंटे में इसकी प्रवर्धन दर अल्फा वेरिएंट की तुलना में चार गुना और बीटा वेरिएंट से नौ गुना ज्यादा थी।

सह-संक्रमण में, डेल्टा वेरिएंट ने अपने सह-संक्रमित भागीदारों के गुणन को बढ़ाया।

इसके अलावा, अल्फा और डेल्टा या अल्फा और बीटा के साथ सह-संक्रमण ने गुणन तालमेल दिया, जहां कुल नए वायरस का उत्पादन संबंधित सिंगल वेरिएंट संक्रमणों के योग से अधिक था।

इसी तरह, टीजी सक्रिय संक्रमण के दौरान सभी वेरिएंट को रोकने में प्रभावी था।

विश्वविद्यालय में पशु चिकित्सा और विज्ञान के स्कूल में मुख्य लेखक प्रोफेसर किन चाउ चांग ने कहा, हमारे नए अध्ययन ने हमें डेल्टा वेरिएंट के प्रभुत्व में बेहतर अंर्तदृष्टि प्रदान की है। भले ही हमने दिखाया है कि यह वेरिएंट स्पष्ट रूप से सबसे संक्रामक है और सह-संक्रमण में अन्य रूपों के उत्पादन को बढ़ावा देता है, हमें यह दिखाते हुए खुशी हो रही है कि टीजी उन सभी के खिलाफ उतना ही प्रभावी है ।

चांग ने कहा, एक साथ ये परिणाम टीजी की एंटीवायरल क्षमता को पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्टिक और एक सक्रिय चिकित्सीय एजेंट के रूप में इंगित करते हैं।

--आईएएनएस

एसएस/आरजेएस

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