भारत मे केमिकल साइंस को बढ़ावा देगी लंदन की रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री

भारत मे केमिकल साइंस को बढ़ावा देगी लंदन की रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री
भारत मे केमिकल साइंस को बढ़ावा देगी लंदन की रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री नई दिल्ली 23 सितंबर (आईएएनएस)। रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री (आरएससी) और उद्योग तथा वैज्ञानिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) स्कूलों तथा विश्वविद्यालयों में केमिकल साइंस को बढ़ावा में एक-दूसरे का सहयोग करेंगे। इसके लिए एक खास जिज्ञासा कार्यक्रम शुरू किया गया है। जिज्ञासा के तहत सीएसआईआर की प्रयोगशालाओं में कम से कम 2000 स्कूली बच्चों, 150 शिक्षकों और 350 स्वयंसेवक आरएससी ग्लोबल क्वाइन एक्सपेरिमेंट में शामिल हुए हैं। यहां प्रतिभागियों से विभिन्न प्रकार के क्वाइन से बनी बैटरियों की तुलना करने के लिए कहा जाता है। प्रतिभागी यहां अपने डेटा की तुलना विश्वस्तर के प्रतिभागियों से करने में सक्षम होंगे।

रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जो अन्य वैज्ञानिकों के साथ केमिकल वैज्ञानिकों को जोड़ता है। 1841 में स्थापित यह संगठन लंदन में स्थित है। इसकी अंतर्राष्ट्रीय सदस्यता 50,000 से अधिक है।

सीएसआईआर और रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री ने इस सहयोग के लिए एक समझौता किया है। इस समझौता दोनों संगठनों ने स्कूली बच्चों और शोधकतार्ओं के बीच सहयोग की वचनबद्धता है। यह समझौता गैर-वित्तीय और नवीनीकरण के विकल्प के साथ तीन वर्ष की अवधि का है।

1942 में स्थापित सीएसआईआर एक स्वायत सोसायटी है, जो विज्ञान और टेक्नोलॉजी के विविध क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास नॉलेजबेस के रूप में जानी जाती है। सीएसआईआर समकालीन अनुसंधान विकास तथा इंजीनियरिंग संगठन है, जिसकी उपस्थिति 37 राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं के सक्रिय नेटवर्क के साथ पूरे भारत में उपस्थिति है। परिषद के पास 7000 वैज्ञानिकों और तकनीकी कर्मियों की विशेषज्ञता और अनुभव है। सीएसआईआर आज विश्व में सबसे बड़ा सार्वजनिक वैज्ञानिक और औद्योगिक संगठनों में एक है।

सीएसआईआर विज्ञान और टेक्नोलॉजी के विभिन्न क्षेत्रों- ओसनेग्राफी तथा माइनिंग से लेकर केमिकल्स और नैनो टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास के प्रति समर्पित है। संगठन के पास प्रयोगशालाओं का नेटवर्क तथा आउटरीच केंद्र हैं।

आरएससी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर पॉल लुईस ने कहा कि यह सहयोग रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री के कार्य का केंद्र है। इसीलिए सीएसआईआर के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए मैं दिल्ली आया हूं। यह समझौता आने वाले कई वर्षों के लिए पूरे भारत में केमिकल साइंस को बढ़ावा देने में एक साथ काम करने का आधार है।

सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. कलाईसेल्वी ने बताया कि विज्ञान और टेक्नोलॉजी भारत के आत्मनिर्भर बनने और न केवल देश बल्कि पूरे विश्व के लिए सतत विकास में महत्वपूर्ण है। आरएससी के साथ साझेदारी विद्यार्थियों में विज्ञान का प्रसार करने और उन्हें भविष्य का वैज्ञानिक बनने के लिए प्रेरित करने में मदद करेगी।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएनएम

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