मजबूत आधार वाले भारतीय स्टार्टअप टिके रहेंगे : विनोद खोसला

मजबूत आधार वाले भारतीय स्टार्टअप टिके रहेंगे : विनोद खोसला
नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। फंड की कमी और अन्य कारणों से कठिन समय का सामना कर रहे भारतीय स्टार्टअप के साथ, भारतीय मूल के प्रतिष्ठित उद्यमी विनोद खोसला का कहना है कि कम मूल्यांकन पर मजबूत फंडामेंटल वाले लोगों का वित्त पोषण जारी रहेगा।

खोसला ने बीबीसी से कहा, खराब भारतीय स्टार्ट-अप इस साल बंद हो जाएंगे, लेकिन बड़े स्टार्ट-अप चलते रहेंगे।

सिलिकॉन वैली के दिग्गज ने कहा कि चूंकि इन कंपनियों को छोटी फर्मों के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं करनी पड़ेगी, इसलिए वे अपनी पूंजी का अधिक बुद्धिमानी से उपयोग कर सकते हैं।

खोसला की टिप्पणी सिलिकॉन वैली बैंक (एसवीबी) के पतन के बाद आई है।

खोसला और चैटजीपीटी डेवलपर ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने हाल ही में एसवीबी के पतन के बाद स्टार्टअप्स की मदद के लिए व्यक्तिगत पूंजी की पेशकश की।

खोसला ने पिछले माह ट्वीट कर कहा था, हम 100 से अधिक पोर्टफोलियो कंपनियों से बात कर रहे हैं, जो उनकी महत्वपूर्ण जरूरतों का आकलन कर रहे हैं और जहां हम केवल उधार लेने की लागत पर या विशेष परिस्थितियों में जहां कंपनी के अन्य निवेशक जवाब नहीं दे सकते हैं, वहां हम अग्रणी या प्रमुख निवेशक हैं।

खोसला, जिन्होंने 1982 में प्रौद्योगिकी दिग्गज सन माइक्रोसिस्टम्स की सह-स्थापना की थी, बीबीसी से कहा, एक प्रमुख विकासशील देश के रूप में भारत में दीर्घकालिक अवसर हैं, जहां सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि को स्टार्ट-अप द्वारा हासिल किया जा सकता है।

कैशलेस लेन-देन में मदद करने वाले भारत के अनूठे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्च र की ओर इशारा करते हुए खोसला ने कहा, इंडिया स्टैक, यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) और अन्य स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के विकास के लिए अच्छे इंफ्रास्ट्रक्च र हैं।

--आईएएनएस

सीबीटी

Share this story