लॉन्ग कोविड से पीड़ित ज्यादातर लोगों को सामाजिक भेदभाव का करना पड़ा सामना

लॉन्ग कोविड से पीड़ित ज्यादातर लोगों को सामाजिक भेदभाव का करना पड़ा सामना
लॉन्ग कोविड से पीड़ित ज्यादातर लोगों को सामाजिक भेदभाव का करना पड़ा सामना लंदन, 24 नवंबर (आईएएनएस)। एक नए अध्ययन के अनुसार, लॉन्ग कोविड से पीड़ित लोगों को सामाजिक भेदभाव का सामना अधिक करना पड़ता है।

जर्नल पीएलओएस वन में प्रकाशित, अध्ययन साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय और ब्राइटन और ससेक्स मेडिकल स्कूल के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया और यूके में लॉन्ग कोविड से पीड़ित लोगों द्वारा को-डिजाइन किया गया।

ब्राइटन और ससेक्स मेडिकल स्कूल की लेक्चर डॉ मारिजा पैंटेलिक ने कहा, लॉन्ग कोविड से पीड़ित लोगों द्वारा झेले गए भेदभाव की कहानियां अनगिनत हैं। हम यह देखकर चौंक गए कि यह कितना प्रचलित है। इसके निष्कर्ष हमें इस ओर बड़ा कदम उठाने के लिए प्रेरित करते हैं।

अध्ययन में, लगभग दो तिहाई (63 प्रतिशत) लोगों ने भेदभाव के अनुभवों की सूचना दी। खराब स्वास्थ्य स्थिति के कारण लोगों ने उनके साथ संपर्क बंद कर दिया।

अध्ययन में, 86 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने लॉन्ग कोविड के दौरान अकेलापन और अलग महसूस किया। वहीं 61 प्रतिशत लोगों ने कहा कि भेदभाव के कारण वे इस बारे में दूसरों को बताने में अधिक सावधानी बरतते थे। इसके अलावा, लगभग एक तिहाई (34 प्रतिशत) उत्तरदाताओं ने कहा कि लॉन्ग कोविड से पीड़ित होने की बात लोगों को बताने के बाद उन्हें पछतावा हुआ।

--आईएएनएस

पीके/एएनएम

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