केवल 20 पैसे में हो सकता है कोरोना का इलाज ,डॉक्टर की सलाह से ही लिया जाए दवाएं

केवल 20 पैसे में हो सकता है कोरोना का इलाज ,डॉक्टर की सलाह से ही लिया जाए दवाएं
अगर समय से इलाज कर दोय जाए तो बच सकते हैं वेंटिलेटर पर जाने से 
लाखों रूपये में नहीं मात्र कुछ रूपये में कोरोना का इलाज संभव - डॉ राम*

*उचित समय पर इलाज से मृत्यु दर शून्य हो सकता है - डॉ राम*

मास्क फ्री हो सकता है इंडिया शत प्रतिशत वैक्सीनेशन से यह कहना था उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट फोरम द्वारा आयोजित द्वितीय अंतराष्ट्रीय वेबिनार "कोविड, बचाव दवाई और टीकाकरण" में भारतीय मूल के स्वीडन स्थित चिकित्सा वैज्ञानिक डॉ राम शंकर उपाध्याय का जो वर्तमान में लक्साई लाइफ साइंस के सीईओ के साथ अमेरिका स्थित ओम ओंकोलॉजी अमेरिका के चीफ साइंटिफिक अफसर हैं और जिन्होंने 15 दवाइयों में पेटेंट हासिल किया है और इनके द्वारा विकसित कोरोना पर दो दवाइयों को भारत सरकार ने द्वितीय फेज के क्लीनिकल ट्रायल को मंजूरी दी है . डॉ राम का मानना है की उचित समय पर इलाज चालू होने पर कोरोना मृत्यु दर को शून्य किया जा सकता है इसलिए मौसमी बुखार या अन्य सामान्य कारणों से जनता को समय नहीं पास करना चाहिए जितने मरीज क्रिटिकल हुए या जिनकी मृत्यु हुई उनमें से ज्यादातर वहीँ हैं जिन्होंने कोरोना के शुरुवाती इलाज में देरी की. रेमडेसीवीर फैबि फ्लू और टोकीलीज़ुमैब इंजेक्शन को लेकर हो रही मारा मारी और कालाबाजारी  के बीच उनका मानना है की यह कोरोना के इलाज की प्रामाणिक दवाई नहीं है इसके मुकाबले 20 पैसे की स्टेरॉयड और 10 रूपये पत्ते वाली कोल्चिसिन का कॉम्बिनेशन ज़्यादा कारगर है. उचित समय पर और डॉक्टर के सुपरविजन में इसे ले लिया जाय तो इन महंगी दवाइयों या ऑक्सीजन या वेंटिलेटर लेवल पर जाने की नौबत नहीं आएगी. 

डॉ राम के अनुसार वैक्सीनेशन के साथ कुछ एहतियात जरुरी है, यदि आपको पहले से कोई बीमारी है तो अपने डॉ की सलाह से कवर ट्रीटमेंट के साथ वैक्सीनेशन कराएं और दो टीका के बीच मान्य गैप से ज्यादा गैप न रखें और वैक्सीनेशन पूरा होने के अपना एंटीबाडी टेस्ट जरूर कराएं. पहले टीका के बाद जब तक एंटीबाडी विकसित नहीं होती तब तक बाहर न निकल घर पर मास्क पहन रहना ही उचित है नहीं तो इनसे कोरोना फैलने का खतरा रहता है.

डॉ राम का कहना है कि हम कोविड उपयुक्त व्यवहार अपना, वैक्सीनेशन करा और उचित इलाज प्रोटोकाल और दवाई का पालन कर अन्य वायरस वाली बीमारियां जो सालों से हैं लेकिन अब महामारी के रूप में नहीं है की तरह , इस आपदा पर भी विजय पा सकते हैं, इसके लिए सरकार को कोविड प्रबंधन, प्रशासन और प्रोटोकाल में उचित बदलाव करने पड़ेंगे जिसके लिए भारत सरकार को एक हेल्थ एडवाइजरी बोर्ड बनाना चाहिए जिसमें देश विदेश के भारतीय वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और डॉक्टर शामिल हों और वह तय करें कि कोविड प्रबंधन, प्रशासन कैसा हो क्यों की यह मेडिकल का विषय है सामान्य प्रशासन का नहीं. इसके लिए विदेशों में हम जैसे प्रवासी वैज्ञानिक जो भारत के ब्रेन डिपाजिट हैं देश को जब भी जरुरत पड़ेगी हम योगदान के लिए तैयार हैं.      

महिलाओं की कोरोना और वैक्सीनेशन से हो रही विशेष समस्याओं के लिए लन्दन से डॉ दीप्ती गुप्ता ने भी वेबिनार में सम्बोधित किया। वेबिनार के संयोजक और संचालक सीए पंकज जायसवाल के अनुसार कोरोना पर भारत में शत प्रतिशत नियंत्रण पाया जा सकता है देश के सभी नगरपालिका मुंबई के बीएमसी प्रबंधन को अपनाएं इससे ना वो अपने नगर को स्वस्थ रखेंगे आसपास के १०० गांवों के कोरोना नियंत्रण में भी आसानी होगी। साथ ही श्री जायसवाल ने टेलीमेडिसिन और वीडियो कॉन्फरेंसिंग सुविधा पर एक एक प्रेजेंटेशन दिया जिसमें बताया की इसे अपना कर किस तरह ऑक्सीजन सरपल्स और मेडिकल कैपेसिटी विकसित कर हॉस्पिटल का ९० फीसदी भार कम भी कर सकते हैं और हॉस्पिटल होम केयर ट्रीटमेंट दे बीमारी को शुरू में रोक मौतों को शून्य कर सकते हैं.

कोरोना पर सम्पूर्ण जागरूकता लाने के लिए कोरोना एन्सिक्लोपीडिया के रूप में पंकज जायसवाल और डॉ राम ने यूट्यूब पर ७ घण्टे का एक वीडियो कार्यक्रम प्रश्न उत्तर के रूप में लांच किया है जिसमें कोरोना से सम्बंधित सभी सलाहों का संग्रह मिल सकता है            

सादर 

पंकज जायसवाल

SD/-

महासचिव- उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट फोरम

Mobile- +91 98196 80011

दिनांक: 26.04.2021

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