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Migraine causes: क्यों कम उम्र में शुरू होता है माइग्रेन? करने होंगे ये उपाय

Instant migraine relief: ऐसी रेमेडी जो शरीर के हिस्सों के तनाव और दर्द दूर करने के साथ माइग्रेन से भी राहत दिला सकती है।

Migraine causes: क्यों कम उम्र में शुरू होता है माइग्रेन? करने होंगे ये उपाय
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माइग्रेन क्या है? - What is Migraine in Hindi?

Migraine causes: migraine एक विशेष तरह का सिरदर्द है। आम सिरदर्द और माइग्रेन में अंतर होता है। मगर अक्सर होने वाले सिरदर्द को लोग माइग्रेन ही मान लेते हैं। माइग्रेन एक तरह की न्यूरोलॉजिकल स्थिति होती है जिसमें सिरदर्द के अलावा भी कई लक्षण नजर आते हैं।

इसमें रह-रहकर सिर में एक तरफ बहुत ही चुभन भरा दर्द होता है। ये कुछ घंटों से लेकर तीन दिन तक बना रहता है। इसमें सिरदर्द के साथ-साथ गैस्टिक, जी मिचलाने, उल्टी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। माइग्रेन का दर्द आम सिरदर्द से ज्यादा तेज होता है और ये सिरदर्द के मुकाबले ज्यादा गंभीर परेशानी है। आमतौर पर माइग्रेन का दर्द आधे सिर में ही महसूस होता है। इसके अलावा चक्कर आना और कमजोरी भी माइग्रेन के लक्षण हो सकते हैं।

माइग्रेन के कारण - Migraine Causes in Hindi




How to cure migraine permanently: माइग्रेन ब्रेन के अंदर केमिकल बदलाव की वजह से होता है। इसके कई कारण हो सकते हैं। किसी में यह चेंज धूप से, तो किसी में डस्ट, खास फूड खाने से, चॉकलेट या चीज खाने से भी हो सकता है। इसमें ब्रेन के अंदर का स्पेसिफिक न्यूरो ट्रांसमीटर चेंज हो जाता है। इसे माइग्रेन ट्रिगर कहते हैं।

माइग्रेन सिरदर्द के पीछे रक्‍तवाहिनियों का बड़ा होना और नर्व फाइबर्स की ओर से केमिकल का स्राव करने के संयुक्‍त कारण उत्‍तरदायी होते हैा। सिरदर्द के दौरान, खोपड़ी के बिलकुल नीचे स्थित धमनी बड़ी हो जाती है। इसकी वजह से एक केमिकल का स्राव होने लगता है, जो जलन, दर्द और रक्‍तवाहिनी को और चौड़ा करने का काम करता है।

माइग्रेन के कारण -

माइग्रेन ब्रेन के अंदर केमिकल बदलाव की वजह से होता है। इसके कई कारण हो सकते हैं। किसी में यह चेंज धूप से, तो किसी में डस्ट, खास फूड खाने से, चॉकलेट या चीज खाने से भी हो सकता है। इसमें ब्रेन के अंदर का स्पेसिफिक न्यूरो ट्रांसमीटर चेंज हो जाता है। इसे माइग्रेन ट्रिगर कहते हैं।

ट्राईगेमिनल नर्व में न्यूरोकेमिकल के बदलाव

जेनेटिक और पर्यावरणीय कारक की माइग्रेन में भूमिका हो सकती है। माइग्रेन ट्राईगेमिनल नर्व में न्यूरोकेमिकल के बदलाव और मस्तिष्क के रसायनों में असंतुलन, खासकर सेरोटोनिन के कारण आरंभ होता है। माइग्रेन के समय सेरोटोनिन का स्तर संभवतः कम हो जाता है, जो ट्राइजेमिनल सिस्टम को न्यूरोपेप्टाइड का स्राव करने के लिए प्रेरित करता है। न्यूरोपेप्टाइड मस्तिष्क के बाह्य आवरण (मेनिंन्जेज) तक पहुंचकर सिरदर्द उत्पन्न करता है।

माइग्रेन कई कारणों से आपको अपना शिकार बना सकता है। इनमें ये कारण प्रमुख हैं...

हर समय चिंता करना।

ज्यादा तनाव लेना

पर्याप्त पानी न पीना

महिलाओं में हार्मोनल बदलावों के कारण

बहुत धीमी या बहुत तेज रोशनी में अक्सर रहने के कारण

तेज आवाज में रहने के कारण हो सकता है

माइग्रेन तेज खुश्बू भी हो सकती है

दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण

बहुत ज्यादा सोने के कारण

वातावरण में अचानक परिवर्तन के कारण

बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत के कारण

कैफीन वाले पदार्थों का ज्यादा सेवन करने से

नाश्ता और खाना छोड़ देने से

सिरदर्द की दवाएं बिना चिकित्सक की सलाह के लेने से

एल्कोहल, तंबाकू, धूम्रपान, चॉकलेट आदि का ज्यादा सेवन करने से।

माइग्रेन के लक्षण और उपाय (Migraine Symptoms in Hindi)




Migraine symptoms: माइग्रेन का दर्द एक विशेष तरह का सिरदर्द होता है। माइग्रेन के लक्षण...

साधारण या तीव्र दर्द, जो सिर के एक या दोनों ओर हो सकता है।

फड़कने जैसा दर्द।

शारीरिक श्रम करने से दर्द बढ जाना।

दर्द दैनिक क्रियाओं में अवरोध पैदा कर सकता है।

जी मिचलाना, जिससे उल्टी भी हो सकती है।

आवाज और प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता।

माइग्रेन आपका पाचन खराब कर सकता है।

कुछ लोगों में माइग्रेन के दौरान ब्लड प्रेशर लो हो जाता है। इसका दर्द 4 से 72 घंटों तक रह सकता है।

कुछ लोगों को महीने में कई बार सिरदर्द हो सकता है, जबकि अन्य लोगों को इससे कम होता है।

माइग्रेन के प्रकार - Types of Migraine in Hindi

क्लासिकल माइग्रेन

क्लासिकल माइग्रेन बहुत से चेतावनी भरे लक्षणों को दर्शाता है। शायद आपको सिरदर्द से पहले धुंधला दिखे। अगर आपको क्लासिकल माइग्रेन है तो इस अवस्था में आपकी रक्त वाहिनियां सिकुड़ने लगेंगी। इस अवस्था में रक्त वाहिनियां बड़ी हो जाती हैं इसलिए क्लासिकल माइग्रेन के लिए दवाएं लेना ज़रूरी होता है।

नॉन क्लासिकल माइग्रेन

नॉन क्लासिकल माइग्रेन में समय समय पर बहुत तेज़ सिरदर्द होता है, लेकिन इसमें किसी और तरह के लक्षण नज़र नहीं दिखते। ऐसी स्थिति में सिरदर्द की शुरूवात के साथ ही दवा ले लेनी चाहिए।

माइग्रेन के घरेलू उपचार (migrain treatment at home)

Best thing for migraine relief !

अंगूर का जूस (Does Grape Juice Help With Migraines)

जी हां, आपको जानकर हैरानी होगी कि माइग्रेन के दर्द में अंगूर का जूस आपको राहत प्रदान कर सकता है. घर में अंगूर का जूस बनाने के लिए पानी और ताजा अंगूर को पीस लें. दर्द से राहत पाने के लिए इसे दिन में दो बार पीएं. यह फाइबर, विटामिन ए और सी का पावरहाउस है,

जिसमें काफी मात्रा में कार्बोहाइड्रेट भी होता है. यह माइग्रेन के दर्द से छुटकारा पाने के लिए लिए एक प्रसिद्ध एंटीऑक्सीडेंट साइट्रस फल और घरेलू उपचार भी है.

अदरक (Does Ginger Help With Migraines)

Instant migraine relief: एक ऐसी रेमेडी जो शरीर के अन्य हिस्सों के तनाव और दर्द दूर करने के साथ-साथ माइग्रेन के दर्द से भी आपको राहत दिला सकती है. अदरक का रस, नींबू का रस या अदरक वाली एक कप चाय या अदरक पाउडर लेने से आपको माइग्रेन के दर्द से छुटकारा पाने में मदद मिलेगा.

दालचीनी (Does Cinnamon Help With Migraines)

जादुई दालचीनी सिर्फ आपके भोजन को टेस्‍ट ही नहीं देती, बल्कि माइग्रेन का इलाज करने के लिए एक प्रभावी घरेलू उपचार भी साबित हो सकती है. पानी मिलकार दालचीनी को पीस लें. अब इस पेस्‍ट को 30 मिनट के लिए माथे पर लगाएं, आराम मिलेगा।

मसाज

माइग्रेन के दर्द से छुटकारा पाने का सबसे आसान तरीका है कि आप या तो खुद या किसी से अपनी मसाज करवाएं. मसाज ब्‍लड सर्कुलेशन को बूस्‍ट करती है, जिससे आपको आराम मिलेगा और दर्द भी कम होगा।

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