Precaution during Pregnancy लापरवाही से बच्चे को हो सकते हैं गंभीर बीमारियां 

Heart decease awareness बहुत जरूरी है ,अगर समय पर इलाज किया गया तो कई बीमारियों से बचा जा सकता है 
 गर्भ में रहते हुए अगर मां को कोई वायरस रोग हो जाए तो बच्चों में हृदय रोग होने की संभावना अधिक* ----- प्रो  ए के   श्रीवास्तव

Diabeties in India हमारे देश में मधुमेह व हृदय रोग की बीमारी बड़ी तेजी से फैल रही है या बीमारी आजकल युवा वर्गों में अधिक पाई जा रही है आने वाले वर्षों में हृदय रोग  हर दसवां भारतीय इन रोगों से ग्रसित है यह रोग मनुष्य  तनाव  एवं भागदौड़ प्रतिदिन की मानसिक तनाव एवं खानपान पर निर्भर करता है इसलिए हम एक जिम्मेदार चिकित्सक के रूप में हृदय रोग के प्राथमिक उपचार के साथ साथ इस बीमारी को बचाने के के उपायों के प्रति लोगों को जागरूक करना आवश्यक है .

यह बात डिवाइन हार्ट मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल लखनऊ के   संस्थापक एवं वरिष्ठ  कार्डिक सर्जन (पूर्व प्रोफेसर पीजीआई ) प्रो. ए.के श्रीवास्तव ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन बहराइच में  आयोजित नगर के प्रमुख चिकित्सकों के साथ शिशुओं और बाल चिकित्सा में जन्मजात हृदय रोगों के प्रबंधन एवं सर्जरी की भूमिका में एक कार्यशाला आयोजित कर कहीं प्रोफेसर ए.के श्रीवास्तव ने आगे बताया कि जन्मजात रोग प्रत्येक 1000 बच्चे के जन्म में 8 से 10 बच्चों को जन्म जात रोग होता है और एक तिहाई बच्चे अपना पहला वर्षगांठ भी नहीं देख पाते .

इन जन्मजात बच्चों में ज्यादातर दिल में छेद अधिक पाया जाता है बच्चों में दिल में छेद होने से बच्चों को खांसी बुखार अधिक सांस फूलना दूध पीते समय माथे पर पसीना होना आदि लक्षण होते हैं अगर इलाज सही समय पर नहीं हुआ तो बच्चे कमजोर होने लगते हैं और वजन नहीं बढ़ता है तथा हृदय फेल होने की अधिक संभावना है होती है जिसमें पैर में सूजन आंख के नीचे व चेहरे पर सूजन नीले बच्चों में दिल में छेद होने के साथ-साथ फेफड़े में जाने वाली नशे सिकुड़न हो जाती है इसका विकास सम्मान नहीं होता है .

आई  एम ए  की अध्यक्ष डॉ प्रज्ञा त्रिपाठी ने कहा कि लोगों में हृदय रोग के प्रति जागरूकता का अभाव है अगर सही समय पर व्यक्ति का उपचार हो जाए तो उस व्यक्ति को गंभीर बीमारी से बचाया जा सकता है और बच्चों को सही समय पर सही उपचार मिल जाए तो बच्चों को इन गंभीर  बीमारी से बचाया जा सकता है  इसलिए नि:शुल्क कैंप लगाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा   आई एम ए के  सचिव डॉ अरविंद शुक्ला ने बताया कि बच्चों में हृदय रोग की बीमारी एक बड़ी चिंता का विषय है उन्हें सही समय पर सही उपचार की आवश्यकता होती है

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