Covid 19, Hospital में नही मिला बेड तो इस तरह से मरीज की बचाई जा सकी है जान 

Covid 19, Hospital में नही मिला बेड तो इस तरह से मरीज की बचाई जा सकी है जान
Remdesivir से भी अच्छा काम करता है steroid ,remdesivir केवल गंभीर रोगियों के लिए 

 
Dr Ved Chaturvedi Sir Ganga Ram Hospital ने मीडिया को दिए अपने interview में कहा है कि अगर कोई बहुत गंभीर रोगों नही है तो उसकी जान घर पर ही इलाज करके की जा सकती है ।
इस समय जो सबसे बड़ी समस्या है वह है अस्पताल में बेड न मिलने की और इसी कारण से लोगों का सही तरीके से इलाज नहीं हो पा रहा है और लोग परेशान है तो की सबसे बड़ी समस्या आती है ऑक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता अभी भी नहीं हो पाई है और जो भी है वह इतनी कम है और मरीज इतनी ज्यादा है कि उसके लिए सबसे बड़ी समस्या यह आती है कि किस तरीके से उन लोगों का इलाज किया जा सके जो कोविड-19 रान संक्रमित हो चुके हैं अब ऐसे में गंगाराम हॉस्पिटल दिल्ली के डॉक्टर वेद चतुर्वेदी ने मीडिया संस्थान से बात करते हुए बताया है कि अगर किसी को ऑक्सीजन नहीं मिल रहा है हॉस्पिटलाइजेशन नहीं हो पा रहा है बेड नहीं मिल पा रहा है तो उन्होंने कई ऐसे टिप्स दिए हैं कि जब तक कि यह समस्या है उससे एक प्रिकॉशन के तौर पर एक बचाव किया जा सकता है जो सबसे पहला उन्होंने इसका उपचार बताया है उसमें यह कहा है कि अगर किसी का भी ऑक्सीजन लेवल 94 से कम जाने लगता है तो उसको तुरंत ही सही करने की जरूरत है उसके लिए जो सबसे सही तरीका है वह है कि उसको ऑक्सीजन दिया जाना चाहिए लेकिन अगर ऑक्सीजन तुरंत नहीं उपलब्ध है तो उसके लिए एक काम करना होगा कि जो भी मरीज है ।
Pron Process पेट के बल मरीज को लिटाने से बढ़ता है आक्सीजन लेवल 
 जिस मरीज को ऑक्सीजन level काम है उसको उल्टे पेट के बल लेटना होगा और पेट के बल लेटने को मेडिकल के चरण में pron प्रक्रिया कहते हैं और ऐसे में 35 से 40 मिनट तक जब मरीज लेता है तो देखा जाता है कि ऑक्सीजन लेकिन सही होने लगता है और ऑक्सीजन लेवल 94 के ऊपर बढ़ने लगता है लेकिन अगर ऐसा करने पर भी ऑक्सीजन कल लेवल नहीं बढ़ रहा है तो डॉक्टर से लगातार संपर्क करते रहना है जो दूसरा टिप दिया गया है उसमें यह बताया गया है कि किसी भी लोकल डॉक्टर के टच में रहे और टेलीमेडिसिन के द्वारा संपर्क में रहकर उनसे जो भी समस्याएं आ रही है उसको बताया जा सकता है डॉ वेद चतुर्वेदी ने यह भी बताया कि अगर ऑक्सीजन लेबल थोड़ा बढ़ जाता है और ऐसे में समस्या यह थी कि अभी भी इंफेक्शन बना हुआ है तो ऐसे में डॉक्टरों को उन्होंने सलाह दिया है।
Steroid tablet करता है बहुत कारगर इलाज 
 अगर मरीज में इंफेक्शन अभी भी है तो उसे  स्टेरॉयड के टेबलेट दिए जा सकते हैं जो कि काफी अच्छा काम करते हैं लेकिन वेद चतुर्वेदी ने साफ कहा है कि यह सारी चीजें किसी भी डॉक्टर की सलाह से ही लिया जाना चाहिए और होम हॉस्पिटल इन हॉस्पिटलाइजेशन के कारण काफी मरीजों की जान बचाई जा सकती है ऐसा नहीं है कि अगर हॉस्पिटल में एडमिट नहीं हो पायेगा तो उसका इलाज नही है उन्होंने कहा कि धैर्य बनाये रखें और डॉक्टर की सलाह लेते रहें ।


Steroid के side effect 
Steroid को बिना डॉक्टर की सलाह के नही लिया जाना चाहिए क्योंकि इसके इस्तेमाल से कई सारे साइड इफ़ेक्ट भी होते है ।(Side Effect Of Steroids
जानकारों का कहना है कि इसका लंबे समय तक इस्तेमाल नुकसानदायक है और इसके प्रयोग से नींद न आना और डाइजेशन खराब होना और भी कई दिक्कतें आ सकती है इसलिए सख्त हिदायत डॉक्टरों द्वारा दिया जाता है कि बिना किसी भी डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा का प्रयोग न करें ।

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