अनुपमा का आरोप, केएससीसीडब्ल्यू बाल तस्करी के लिए निकाय में बदल गया है

अनुपमा का आरोप, केएससीसीडब्ल्यू बाल तस्करी के लिए निकाय में बदल गया है
अनुपमा का आरोप, केएससीसीडब्ल्यू बाल तस्करी के लिए निकाय में बदल गया है तिरुवनंतपुरम, 21 नवंबर (आईएएनएस)। अनुपमा एस. चंद्रन ने आरोप लगाया है कि केरल राज्य बाल कल्याण परिषद बाल तस्करी के लिए एक निकाय में बदल गई है।

अनुपमा ने आरोप लगाया कि संगठन के महासचिव, शिजू खान, को उनके बच्चे को उचित कानूनी प्रक्रियाओं के बिना सौंपने के लिए निष्कासित और आपराधिक आरोपों के साथ गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

अनुपमा और उनके पति अजित अपने बच्चे को वापस पाने के लिए केरल सरकार और उसके निकायों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।

उनके पिता और माता दोनों सीपीएम नेता हैं और उनके दादा स्वर्गीय पेरुर्कदा सदाशिवन सीपीएम के एक बड़े राज्य नेता थे।

अनुपमा के पिता जयचंद्रन और मां स्मिता अजित के साथ उसके रिश्ते के बिल्कुल खिलाफ थे, जो पहले शादीशुदा था और उससे कई साल बड़ा था। अनुपमा और अजित भी अलग-अलग जातियों से है।

अनुपमा शादी से पहले गर्भवती हो गई थी और उसने एक बच्चे को जन्म दिया था। उसने शिकायत में कहा कि बच्चे को उसके माता-पिता ने उससे दूर कर दिया था, और केएससीसीडब्ल्यू को सौंप दिया था। जिसके बाद संस्था ने बच्चे को आंध्र के एक दंपति को दे दिया था।

उसने आरोप लगाया कि बिना किसी उचित कानूनी प्रक्रिया के बच्चे को सौंप दिया गया।

राज्य की राजधानी में मीडिया से बात करते हुए, एसएफआई (स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) की एक पूर्व नेता अनुपमा ने कहा कि केएससीसीडब्ल्यू ने मेरे बच्चे को आंध्र प्रदेश में एक अन्य जोड़े को बिना किसी प्रक्रिया और यहां तक कि राज्य द्वारा दिए गए लाइसेंस के बिना सौंप दिया था। सरकार समर्थित इस निकाय के लिए दत्तक ग्रहण नियामक प्राधिकरण की समय सीमा समाप्त हो गई थी।

बच्चे को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से तिरुवनंतपुरम के पुलिस अधिकारियों की एक टीम ने केएससीसीडब्ल्यू की एक महिला अधिकारी के साथ हिरासत में ले लिया है।

बच्चे को वापस केरल लाया जा रहा है और बच्चे के जैविक माता-पिता का पता लगाने के लिए राजीव गांधी जैव प्रौद्योगिकी केंद्र में डीएनए परीक्षण किया जाएगा।

जैविक माता-पिता की पहचान स्थापित होने तक बच्चा जिला बाल संरक्षण अधिकारी के संरक्षण में और एक योग्य व्यक्ति की देखरेख में रहेगा।

--आईएएनएस

एमएसबी/आरजेएस

Share this story