असम-मेघालय सीमा पर गोलीबारी : शिलांग में छिटपुट हिंसा भड़की

असम-मेघालय सीमा पर गोलीबारी : शिलांग में छिटपुट हिंसा भड़की
असम-मेघालय सीमा पर गोलीबारी : शिलांग में छिटपुट हिंसा भड़की शिलांग, 24 नवंबर (आईएएनएस)। शिलांग और उसके बाहरी इलाकों में गुरुवार रात हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुईं, जबकि असम से मेघालय तक वाहनों की आवाजाही गुरुवार को तीसरे दिन भी स्थगित रही।

अधिकारियों ने कहा कि मेघालय में फंसे पर्यटकों को वापस असम ले जाया जा रहा है।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि एक यातायात पुलिस बूथ में आग लगा दी गई, सुरक्षा बलों को ले जा रही एक बस पर हमला किया गया और एक पुलिस जिप्सी वाहन में तोड़फोड़ की गई। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों पर एक पेट्रोल बम फेंका गया, जो पाइन माउंट की ओर वाहनों को मोड़ रहे थे।

शिलांग में एक कैंडललाइट मार्च का आयोजन किया गया, जहां लोगों ने असम पुलिस और मेघालय सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा निकाला।

चार नागरिकों पर हमला किया गया और तीन महिला पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की गई और उन्हें मामूली चोटें आईं। घायल नागरिकों में से एक को शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हिंसक भीड़ को बारिक प्वाइंट की ओर आने से रोकने के लिए पुलिस को आंसूगैस के गोले दागने पड़े।

मुक्रोह गांव के पीड़ितों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए पांच दबाव समूहों द्वारा आयोजित धरने प्रदर्शन के मद्देनजर शहर में गुवाहाटी-शिलांग रोड और ख्यांदैलद (पुलिस बाजार) इलाकों में दुकानें बंद हैं।

शिलांग और उसके बाहरी इलाकों में गुरुवार की छिटपुट हिंसा असम पुलिस द्वारा मंगलवार को की गई गोलीबारी का परिणाम है, जिसमें मेघालय के पांच नागरिक और पश्चिम जयंतिया हिल्स जिले में असम के एक वन रक्षक की मौत हो गई थी।

मेघालय सरकार ने गुरुवार को 7 जिलों में मोबाइल इंटरनेट और डेटा सेवाओं के निलंबन को शनिवार सुबह तक के लिए बढ़ा दिया।

शिलांग पूर्वी खासी हिल्स जिले में पड़ता है। इस बीच, जिला उपायुक्त ने एक बयान में राज्य में पेट्रोल और डीजल की कमी की अफवाहों के कारण विभिन्न पेट्रोलियम आउटलेट्स पर लंबी कतारों को देखते हुए स्पष्ट किया कि जिले में पेट्रोल या डीजल की कोई कमी नहीं है।

बयान में कहा गया है कि तेल कंपनियों, वितरकों और राज्य के बाहर के टैंकर चालकों द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं को दूर किया जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पेट्रोलियम की आपूर्ति जिले के इलाके तक पहुंचे और जनता को परेशानी न हो।

--आईएएनएस

एसजीके/एएनएम

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