आज संविधान को बचाना ही देशभक्ति का प्रतीक : माकपा

आज संविधान को बचाना ही देशभक्ति का प्रतीक : माकपा
नई दिल्ली, 26 जनवरी (आईएएनएस)। सीपीआई (एम) ने गणतंत्र दिवस के मौके पर कहा कि आज संविधान को बचाना ही देशभक्ति का प्रतीक है।

सीपीआई (एम) महासचिव सीताराम येचुरी ने गुरुवार को गणतंत्र दिवस के मौके पर कहा कि संविधान के अंदर बुनियादी मौलिक आधिकार के तौर पर सबको सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता दी गई है। आज देश में इसको बचाने की जरूरत है। यही देशभक्ति का प्रतीक है।

येचुरी ने कहा कि 26 जनवरी के दिन भारत के लोगों ने इस संविधान को अपनाया था। ये संविधान बहुत अहम है क्योंकि ये सभी भारतवासियों को बराबरी और भाईचारे का अधिकार देता है। उसी के साथ दुनिया के मौलिक अधिकार भी हमें मिलते हैं कि हमारी आजादी को हम किस तरीके से इस्तेमाल करें। इस संविधान में सबको सामाजिक, अर्थिक और राजनीतक न्याय की गैरेंटी भी दी जाती है। इस संविधान का यही एक बुनियादी उसूल है। आज संविधान के एक एक उसूल पर बहुत गंभीर हमले हो रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि आज समानता की जगह पर हम देखते हैं पिछले कुछ सालों में अमीर और अमीर हो रहा है, गरीब और गरीब होता चला जा रहा है।

वहीं आर्थिक समानता से इतर अगर हम सामाजिक समानता की बात करें तो ये भी ठीक से लागू नहीं हो पा रहा है। समाज के एक वर्ग पर बहुत भारी और जानलेवा हमले हो रहे हैं, समानता का मतलब सामाजिक न्याय है। आज हमारे दलितों, आदिवासियों, महिलाओं के ऊपर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। आज के दिन न्याय दिलाने की बात आर्थिक, सामाजिक और राजनीतक ये जो संविधान के अंदर बुनियादी मौलिक आधिकार के रूप में सौंपा गया था, उन सभी के ऊपर बहुत भारी हमला हो रहा है। आज हमारे संविधान के अंदर जो वचन दिए गए हैं उनको बचाना है, ये है हमारी देश भक्ति का प्रतीक।

--आईएएनएस

पीटीके/एसकेपी

Share this story