उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के लिए फंड मैनेज करने और हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह के आठ गिरफ्तार, 77 लाख नकद बरामद

उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के लिए फंड मैनेज करने और हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह के आठ गिरफ्तार, 77 लाख नकद बरामद
उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के लिए फंड मैनेज करने और हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह के आठ गिरफ्तार, 77 लाख नकद बरामद रांची, 12 जनवरी (आईएएनएस)। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के लिए फंड मैनेज करने और उन्हें विदेशी हथियार उपलब्ध कराने वाले गैंग के खिलाफ रांची पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पिछले एक हफ्ते के दौरान पुलिस ने गैंग के मास्टर माइंड निवेश कुमार सहित आठ लोगों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया है और उनके पास से 77 लाख नकद के साथ बीएमडब्ल्यू कार, थार जीप, जाइलो एसयूवी, स्कूटी, 31 मोबाइल, एक दर्जन से ज्यादा सिम, पेन ड्राइव, कई हथियार और कारतूस बरामद किये गये हैं।

पुलिस को छापेमारी के दौरान एक दर्जन से ज्यादा बैंक पासबुक और निवेश से जुड़े कागजात भी हाथ लगे हैं। रांची के एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने बुधवार को बताया कि गैंग के सारे लोग पीएलएफआई के सुप्रीमो दिनेश गोप से जुड़े थे। प्रमाण मिले हैं कि इस गैंग ने विदेशी हथियारों तक की आपूर्ति उग्रवादियों को की है।

गिरफ्तार किये गये लोगों में निवेश कुमार, शुभम पोद्दार, ध्रुव कुमार और सुभाष पोद्दार है। यह गिरोह पीएलएफआई के लिए व्यवसायियों और ठेकेदारों से वसूली करता था। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए सिटी एसपी सौरभ के निर्देशन में एक एसआईटी का गठन किया गया। इस टीम ने सबसे पहले 6 जनवरी को धुर्वा डैम के पास छापामारी कर आर्या कुमार सिंह को गिरफ्तार किया। इसके बाद एक-एक कर गिरोह के बाकी सदस्यों को पकड़ा गया। पुलिस की छापामारी के दौरान रांची से फरार हुए निवेश कुमार, शुभम पोद्दार और ध्रुव सिंह की गिरफ्तारी के लिए आस-पास के राज्यों की पुलिस और एयरपोर्ट अथॉरिटी को भी अलर्ट किया गया था।

गिरोह के लोगों के दिल्ली में होने की सूचना पर एक टीम वहां भी भेजी गयी थी। वहां पता चला कि वे लोग दिल्ली छोडकर उत्तर प्रदेश के रास्ते बक्सर बिहार होते हुए कहीं अन्यत्र भागने की फिराक में हैं। इसके बाद रांची पुलिस की एक टीम ने बिहार की बक्सर पुलिस की मदद से मास्टरमाइंड निवेश कुमार, शुभम पोद्दार और ध्रुव सिंह को 10 जनवरी को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से पीएलएफआई उग्रवादी संगठन के अर्थतंत्र को गहरी चोट पहुंचायी गयी है।

--आईएएनएस

एसएनसी/एएनएम

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