एआईएमआईएम कार्यकर्ता व उसके 2 बेटों पर दुष्कर्म का आरोप, पुलिस से रिपोर्ट तलब

एआईएमआईएम कार्यकर्ता व उसके 2 बेटों पर दुष्कर्म का आरोप, पुलिस से रिपोर्ट तलब
एआईएमआईएम कार्यकर्ता व उसके 2 बेटों पर दुष्कर्म का आरोप, पुलिस से रिपोर्ट तलब मुंबई, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और अन्य को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के एक कार्यकर्ता और उसके दो बेटों पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति नितिन जामदार और न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल की खंडपीठ ने मंगलवार को वकील नवीन चोमल द्वारा दायर एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर निर्देश जारी किया। याचिका में दावा किया गया है कि पश्चिम बंगाल की रहने वाली एक नाबालिग लड़की का तीनों द्वारा बार-बार यौन उत्पीड़न किया गया था।

चोमल ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई अब 21 अक्टूबर को होगी।

चोमल ने अपनी याचिका में कहा कि पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले की रहने वाली लड़की ने कथित तौर पर यौन शोषण के लिए अपने बेटों रमजान और शमशुल्लाह के अलावा एआईएमआईएम कार्यकर्ता जैनुद्दीन चौधरी का नाम लिया है।

आईएएनएस द्वारा बार-बार प्रयास किए जाने के बावजूद सांसद सैयद इम्तियाज जलील और विधायक वारिस पठान सहित राज्य एआईएमआईएम के नेता और आरोपी के वकील इस मामले में टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं हुए।

लोक अभियोजक अरुणा कामथ ने कहा कि लड़की, जो अदालत में मौजूद थी, एक आरोपी की पत्नी थी और उसका बयान मुंबई पुलिस ने दर्ज कर लिया है।

चोमल की याचिका के अनुसार, पीड़िता 17 साल की है और मॉडल-अभिनेत्री बनने के सपने को साकार करने के लिए मुंबई आई थी, लेकिन कथित तौर पर पिता-पुत्रों ने उसे फंसाया और मॉडलिंग-फिल्म असाइनमेंट देने के नाम पर उसका यौन शोषण किया।

आरोपी के वकील रिजवान मर्चेट ने आरोपों का विरोध किया और यह साबित करने के लिए पीड़िता का आधार कार्ड पेश किया कि वह 19 साल की है। उन्होंने कहा कि लड़की ने एक प्रतिवादी से शादी की थी। मर्चेट ने चोमल के याचिका दायर करने के अधिकार पर भी सवाल उठाया और कहा कि उनका लड़की से कोई संबंध नहीं है।

चोमल ने मामले की जांच एक महिला पुलिस अधिकारी से कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि पीड़िता नई दिल्ली की पूजा सिंह के संपर्क में आई और ग्लैमर उद्योग में अपना करियर बनाने के लिए देशव्यापी तालाबंदी लागू होने से ठीक पहले फरवरी 2020 में मुंबई पहुंची।

पूजा सिंह ने जैनुद्दीन चौधरी की मदद से एक पीजी आवास की व्यवस्था की। चौधरी ने मॉडलिंग-अभिनय करियर बनाने में लड़की की मदद करने का वादा किया और मनोरंजन की दुनिया में उच्च संपर्क होने का दावा किया।

चोमल ने कहा कि पीड़िता और एक अन्य लड़की 18 सितंबर को उनके कार्यालय आई और 20 महीने तक शारीरिक प्रताड़ना, यौन उत्पीड़न का वीडियो टेप बनाए जाने, शादी के फर्जी दस्तावेज बनाने, जबरन गर्भपात और यहां तक कि तीन तलाक का आरोप लगाते हुए आपबीती सुनाई।

पीड़िता ने दावा किया कि आरोपी उसे अलग-अलग स्थानों पर ले गया। हालांकि शमसुल्लाह ने उससे शादी कर ली, उसके परिवार ने उसके साथ मारपीट की और उसे एक वेश्या की पहचान दी। शमसुल्लाह पहले से ही कई शादियां कर चुका था। उसने लड़की को 16 सप्ताह के गर्भपात के लिए कुछ दवाएं दीं। आरोपी तिकड़ी ने उसे जान से मारने और ठिकाने लगाने की धमकी भी दी।

चोमल ने कहा कि कई मौकों पर लड़की ने साकीनाका पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कोई संज्ञान नहीं लिया।

उन्होंने कहा कि उनसे मिलने के बाद से लड़की लापता है, उसकी जान को खतरा हो सकता है। उसका पता लगाने के लिए उन्होंने तत्काल पुलिस कार्रवाई की मांग की।

--आईएएनएस

एसजीके/एएनएम

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