ओबीसी समुदाय के उद्यमियों को साधने के लिए भाजपा की देशव्यापी मुहिम

ओबीसी समुदाय के उद्यमियों को साधने के लिए भाजपा की देशव्यापी मुहिम
ओबीसी समुदाय के उद्यमियों को साधने के लिए भाजपा की देशव्यापी मुहिम नई दिल्ली, 9 मई (आईएएनएस)। भारतीय चुनावी राजनीति में अन्य पिछड़ा वर्ग अर्थात ओबीसी समुदाय के मतदाताओं का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है। राजनीतिक रूप से यह समुदाय पिछले कुछ दशकों में लगातार सृदृढ़ और ताकतवर होता गया है। पिछड़े वर्ग के मतदाताओं के लगातार जागरूक होने और सत्ता में हिस्सेदारी मांगने पर सभी राजनीतिक दलों को इनकी बातें मानने को विवश सा कर दिया है। इस राजनीतिक माहौल में भाजपा ने पूरे देश के ओबीसी समुदाय के उद्योगपत्तियो को साधने की नई रणनीति बताई है।

ओबीसी मतदाताओं, ओबीसी समुदाय के बुद्धिजीवियों के बाद अब भाजपा ओबीसी समुदाय के उद्योगपत्तियों को साधने के लिए देश भर में कार्यक्रम करने जा रही है।

आईएएनएस से बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ के. लक्ष्मण ने बताया कि भाजपा देश के 21 से ज्यादा राज्यों के ओबीसी उद्योगपत्तियों के साथ दिल्ली में एक सम्मेलन कर चुकी है और आने वाले तीन महीनों के दौरान मोर्चा देश के विभिन्न राज्यों के 10 बड़े शहरों में इस तरह की बैठक का आयोजन करने जा रहा है। उन्होंने बताया कि हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई में कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। उत्तर प्रदेश और झारखंड के अलावा अन्य कई राज्यों में कार्यक्रम की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

डॉ लक्ष्मण ने कहा कि इन कार्यक्रमों के जरिए भाजपा ओबीसी समुदाय के लगभग पांच हजार ऐसे उद्योगपत्तियों तक अपनी बात पहुंचाना चाहती है जो फिलहाल किसी भी तरह से भाजपा से नहीं जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि इन लोगों के साथ बैठकर मोर्चा इन्हें ओबीसी समुदाय के हित में खासकर ओबीसी युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए मोदी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों और आवंटित फंडों के बारे में बताएगा।

दरअसल, सरकार का यह दावा है कि वह देश के पिछड़ा वर्ग के विकास के लिए कई कार्य कर रही है, अनेकों योजनाएं बनाई हैं और ओबीसी युवाओं को 35 प्रतिशत मुद्रा लोन देकर वह बड़े पैमाने पर युवा उद्यमी भी तैयार कर रही है।

भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ के लक्ष्मण ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए जहां एक ओर सरकार की नीतियों, बजट और ओबीसी समुदाय के हितों के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी ओबीसी उद्यमियों को दी जाएगी, वहीं दूसरी तरफ उनकी परेशानियों और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को एकत्र कर, सरकार तक इनकी भावनाओं और मांगों को भी पहुंचाने का काम किया जाएगा।

--आईएएनएस

एसटीपी/एसकेपी

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