कर्नाटक में तीन हत्याओं ने लिया सांप्रदायिक रंग, पुलिस अलर्ट पर

कर्नाटक में तीन हत्याओं ने लिया सांप्रदायिक रंग, पुलिस अलर्ट पर
कर्नाटक में तीन हत्याओं ने लिया सांप्रदायिक रंग, पुलिस अलर्ट पर बेंगलुरू, 29 जुलाई (आईएएनएस)। हिजाब संकट, मुस्लिम व्यापारियों के बहिष्कार का आह्वान और बजरंग दल के कार्यकर्ता की हत्या के बाद, तटीय जिले दक्षिण कन्नड़ में तीन युवकों की हत्या अब सांप्रदायिक रूप ले रही है।

निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। हत्या को लेकर हिंसा तब शुरू हुई जब 20 जुलाई को सुलिया तालुक के कलांजा गांव में एक रोड रेज मामले में 18 वर्षीय बी. मसूद पर आठ लोगों ने हमला कर दिया।

21 जुलाई को उसकी मौत हो गई। मसूद हत्याकांड की जांच कर रही बेल्लारे पुलिस सभी आठ आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

26 जुलाई को बाइक सवार बदमाशों ने बेल्लारे कस्बे में भाजपा कार्यकर्ता 31 वर्षीय प्रवीण कुमार नेतारू पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया।

तटीय क्षेत्र हत्याओं के मामले में बात करें तो, बदमाशों के एक गिरोह ने 23 वर्षीय फाजिल मंगलपेट की सूरथकल शहर में एक कपड़े की दुकान के सामने हत्या कर दी। इस हत्या का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ।

सूत्रों के मुताबिक, तीनों हत्याएं बदले की नियत से की गई थी।

पुलिस ने कहा कि रोड रेज में मसूद की हत्या के कारण प्रवीण की मौत हो गई। प्रवीण जेल में बंद आरोपियों (मसूद की हत्या के मामले में) की मदद कर रहा था और इसलिए बदमाशों ने उसे निशाना बनाया।

मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने प्रवीण के परिवार से मुलाकात की और सरकार की ओर से मुआवजे के रूप में 25 लाख रुपये का चेक जारी किया। पार्टी ने अलग से 25 लाख रुपये दिए थे।

वहीं मसूद के परिवार को आज तक कोई मुआवजा नहीं मिला है। परिवार का कहना है कि जिला प्रशासन ने मेडिकल बिल का भुगतान करने का वादा किया था, लेकिन उसका भुगतान अभी तक नहीं हुआ है।

पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक यू.टी. खादर ने कहा कि उन्हें सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर कोई भरोसा नहीं है। सरकार को निष्पक्ष तरीके से न्याय करना चाहिए। दोषियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और दंडित किया जाना चाहिए।

खादर ने जोर देते हुए कहा कि सीएम बोम्मई मसूद के परिवार से मिलने नहीं गए। उन्होंने कहा, फाजिल की हत्या तब हुई जब सीएम बोम्मई ने मंगलुरु का दौरा किया। जब सरकार पर कोई भरोसा नहीं होता है, तो लोग कानून अपने हाथ में लेते हैं।

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के जिलाध्यक्ष अबुबक्कर कुलई ने आरोप लगाया कि हत्याओं के पीछे राजनीतिक ताकतें हैं। दक्षिण कन्नड़ जिले में तीन हत्याएं हुई हैं, मसूद की हत्या पर किसी ने आवाज नहीं उठाई।

कुलई ने कहा कि सीएम बोम्मई ने केवल प्रवीण के परिवार से मुलाकात की और मसूद के परिवार से मिलने की जहमत नहीं उठाई।

मंगलुरु के पुलिस आयुक्त एन. शशिकुमार ने कहा है कि फाजिल की हत्या के उद्देश्य का अभी पता नहीं चल पाया है। आरोपी व्यक्तियों की तलाश शुरू कर दी गई है। उन्होंने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की।

--आईएएनएस

पीके/एसकेके

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