कर्नाटक से केदारनाथ साइकिल से पहुंचा श्रद्धालु, बाबा केदार के किए दर्शन

कर्नाटक से केदारनाथ साइकिल से पहुंचा श्रद्धालु, बाबा केदार के किए दर्शन
कर्नाटक से केदारनाथ साइकिल से पहुंचा श्रद्धालु, बाबा केदार के किए दर्शन रुद्रप्रयाग,5अगस्त(आईएएनएस)। उत्तराखंड में चार धामों के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं दुर्गम रास्तों और विकट परिस्थितियों से होकर गुजरना पड़ता है। इस दौरान बीच-बीच में मौसम की मार और मार्गों का बंद होना आम बात है, लेकिन कहते हैं न कि अगर श्रद्धा सच्ची हो तो भक्त किसी भी परिस्थिति में अपने आराध्य का दर्शन करने पहुंच ही जाते हैं। ऐसे में कर्नाटक से विनय ने केदारनाथ तक का सफर साइकिल से पूरा किया और बाबा केदारनाथ के दर्शन किए।

केदारनाथ धाम की यात्रा साइकिल से भी जा रही है। कई बार ऐसा देखने को भी मिला है। जबकि कई यात्री केदारनाथ धाम की 18 किमी की कठिन चढ़ाई को पार नहीं कर पाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे तीर्थयात्री भी हैं, जो साइकिल से केदारनाथ धाम पहुंचे हैं। इन्हें देखकर हर कोई हैरान है। बता दें कि कुछ यात्री कर्नाटक से केदारनाथ धाम तक साइकिल लेकर पहुंचे हैं। कर्नाटक से साइकिल के जरिये केदारनाथ पहुंचे यात्री विनय ने कहा कि वह चालीस दिनों में कर्नाटक से यहां पहुंचे हैं। उन्होंने केदारनाथ की यात्रा पैदल करने की ठानी थी, लेकिन बाबा केदार की शक्ति से वे साइकिल से केदारनाथ पहुंचे हैं।

वहीं, डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि केदारनाथ की यात्रा में इन दिनों डेढ़ से दो हजार के करीब तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं। कुछ ही दिनों में केदारनाथ यात्रियों का आंकड़ा 10 लाख के पार हो जायेगा। अभी तक धाम में 9 लाख 70 हजार श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। अभी यात्रियों की संख्या में कमी आई है, लेकिन मॉनसून सीजन खत्म होने के बाद यात्रा में उछाल आने की संभावना है।

रुद्रप्रयाग में बारिश और भूस्खलन का असर केदारनाथ धाम की यात्रा पर भी पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण केदारनाथ धाम आने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या में इन दिनों भारी कमी आ गई है। इन दिनों मात्र डेढ़ से दो हजार तक ही यात्री धाम में पहुंच रहे हैं। कांवड़ यात्रा तक धाम में दर्शनों के लिए लंबी लाइन लग रही थी, लेकिन इन दिनों धाम पहुंचने वाले भक्तों की संख्या कम होने से यात्रियों को आसानी से बाबा केदार के दर्शन हो रहे हैं। अब तक बाबा केदार के दरबार में 9 लाख 70 हजार तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं।

--आईएएनएस

स्मिता/आरएचए

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