कलकत्ता हाईकोर्ट ने डब्ल्यूबीएसएससी से कहा : अवैध शिक्षकों को बर्खास्त करें

कलकत्ता हाईकोर्ट ने डब्ल्यूबीएसएससी से कहा : अवैध शिक्षकों को बर्खास्त करें
कलकत्ता हाईकोर्ट ने डब्ल्यूबीएसएससी से कहा : अवैध शिक्षकों को बर्खास्त करें कोलकाता, 21 सितंबर (आईएएनएस)। कलकत्ता हाईकोर्ट की एकल न्यायाधीश पीठ ने बुधवार को पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीबीएससी) को निर्देश दिया कि वह उन लोगों की पहचान करे, जिन्होंने सरकारी स्कूलों में शिक्षण की नौकरी हासिल की है, उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएं और उनकी जगह प्रतीक्षा सूची में दर्ज पात्र उम्मीदवारों को नियुक्त करें।

न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय की पीठ ने इस मामले में डब्ल्यूबीएसएससी के वकीलों और याचिकाकर्ताओं को आपातकालीन आधार पर भर्ती और प्रतीक्षा सूची की समीक्षा करने और 28 सितंबर को एक रिपोर्ट जमा करने को कहा।

न्यायमूर्ति ने डब्ल्यूबीएसएससी भर्ती अनियमितताओं की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम को उन अयोग्य उम्मीदवारों पर एक अलग रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी आदेश दिया, जिन्हें अवैध रूप से शिक्षकों की नियुक्ति मिली थी।

उनके अनुसार, दो रिपोर्टो की समीक्षा की जाएगी, जिसके बाद अवैध रूप से नियुक्ति पाने वालों की सेवाएं खत्म कर दी जाएंगी और उन योग्य उम्मीदवारों को नियुक्त किया जाएगा जो प्रतीक्षा सूची में हैं।

न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने कहा, यदि जरूरी हो, तो सीबीआई टीम अपनी रिपोर्ट तैयार करते समय डब्ल्यूबीएसएससी के अधिकारियों से भी परामर्श कर सकती है।

इससे पहले बुधवार को सीबीआई ने डब्ल्यूबीएसएससी भर्ती अनियमितता घोटाले में अपनी जांच की प्रगति पर अदालत को एक रिपोर्ट सौंपी।

इसने अदालत को उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय के कुलपति और डब्ल्यूबीएसएससी के पूर्व अध्यक्ष सुबीरेश भट्टाचार्य की नवीनतम गिरफ्तारी के बारे में भी सूचित किया।

न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने डब्ल्यूबीएसएससी को 28 सितंबर तक शिक्षकों के साथ-साथ ग्राउंड सी और ग्रुप डी कर्मचारियों की नियुक्ति के संबंध में एक नई अधिसूचना जारी करने का भी निर्देश दिया।

इससे पहले, याचिकाकर्ताओं के वकील, बिकाश रंजन भट्टाचार्य ने अदालत को सूचित किया कि न्यायमूर्ति रंजीत कुमार बाग (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता वाली कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट के अनुसार, सी और डी ग्रुप के कुल 609 कर्मचारियों की भर्ती अवैध रूप से की गई थी।

भट्टाचार्य ने अदालत को बताया, 609 में से 573 की सेवाएं खत्म कर दी गईं। हालांकि, उन रिक्त पदों को अभी भरा जाना बाकी है।

न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने डब्ल्यूबीएसएससी अधिकारियों को प्रतीक्षा सूची से 573 उम्मीदवारों की पहचान करने और उनकी काउंसलिंग की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया।

--आईएएनएस

एसजीके/एएनएम

Share this story