कांग्रेस ने केरल सीपीआई-एम से एसएफआई कार्यकर्ता की हत्या का राजनीतिकरण नहीं करने को कहा

कांग्रेस ने केरल सीपीआई-एम से एसएफआई कार्यकर्ता की हत्या का राजनीतिकरण नहीं करने को कहा
कांग्रेस ने केरल सीपीआई-एम से एसएफआई कार्यकर्ता की हत्या का राजनीतिकरण नहीं करने को कहा तिरुवनंतपुरम, 11 जनवरी (आईएएनएस)। केरल कांग्रेस ने मंगलवार को सत्तारूढ़ माकपा से इडुक्की जिले में एक एसएफआई कार्यकर्ता की हत्या का राजनीतिकरण नहीं करने को कहा है।

सोमवार को जिस कार्यकर्ता की हत्या की गई, वह इडुक्की के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र था।

जिले से युवक कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं को अपराध के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।

घटना के तुरंत बाद, राज्य के पार्टी सचिव कोडियेरी बालकृष्णन सहित माकपा के शीर्ष नेताओं ने आरोप लगाया कि जब से के. सुधाकरन ने यहां कांग्रेस के अध्यक्ष का पद संभाला है, हिंसा में तेजी से वृद्धि हुई है।

राज्य के पूर्व मंत्री और इडुक्की जिले के अनुभवी माकपा विधायक एम.एम.मणि ने एक कदम आगे बढ़कर इसे सुधाकरन की साजिश करार दिया।

सुधाकरण का बचाव करते हुए दो बार के पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने कहा कि राज्य में सभी को जिस वास्तविक मुद्दे पर ध्यान देने की जरूरत है, वह है परिसर में हिंसा को समाप्त करना।

चांडी ने कहा, यह अजीब और आश्चर्यजनक है कि सुधाकरन को दोषी ठहराया जा रहा है। यह समझने में विफल कि उन्हें क्यों निशाना बनाया जा रहा है। असली मुद्दा यह है कि सभी को बैठकर देखना चाहिए कि कैंपस में विशेष रूप से राजनीति में हिंसा को कैसे खत्म किया जा सकता है।

विपक्ष के नेता वी.डी.सतीसन ने कहा कि माकपा सुधाकरण पर हमला करने के लिए राजनीतिक कार्ड खेल रही है।

उन्होंने कहा, देखिए एसएफआई के एक छात्र की निर्मम हत्या के बाद पूरे राज्य में क्या हुआ। हम कांग्रेस पार्टी ऐसी पार्टी नहीं है जो हिंसा करें। हर कोई जानता है कि कौन सी पार्टी ऐसा करती है। निस्संदेह ऐसी भीषण घटना कभी नहीं होनी चाहिए और पहले भी कई परिसरों में हिंसा हुई थी। माकपा को इसका राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए।

यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष और तीन बार के विधायक शफी परम्बिल ने कहा कि माकपा यही सबसे अच्छा करती है।

परम्बिल ने मंगलवार को मीडिया से कहा, वे अपने हितों को बेहतर बनाने के लिए किसी भी चीज को भुनाने के लिए जाने जाते हैं। युवा कांग्रेस कभी भी हिंसा को बढ़ावा नहीं देती है और यह सभी को पता है कि यह कौन करता है। सुधाकरण को निशाना बनाया जा रहा है और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सुधाकरन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और माकपा को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि वे कभी भी हिंसा को बढ़ावा नहीं देते हैं।

एसएफआई के अधिकांश शीर्ष नेता और माकपा की युवा शाखा इडुक्की पहुंच गई है और एसएफआई के युवा छात्र के पार्थिव शरीर को काफिले में उसके गृह जिले-कन्नूर ले जाया जा रहा है।

--आईएएनएस

एचके/आरजेएस

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