कांग्रेस सत्याग्रह कर सरकार पर अग्निपथ व राहुल ईडी मुद्दे पर दबाव बनाने में जुटी, नेताओं की केंद्र को दो टूक

कांग्रेस सत्याग्रह कर सरकार पर अग्निपथ व राहुल ईडी मुद्दे पर दबाव बनाने में जुटी, नेताओं की केंद्र को दो टूक
कांग्रेस सत्याग्रह कर सरकार पर अग्निपथ व राहुल ईडी मुद्दे पर दबाव बनाने में जुटी, नेताओं की केंद्र को दो टूक नई दिल्ली, 20 जून (आईएएनएस)। मोदी सरकार की अग्निपथ योजना व ईडी की राहुल गांधी से पूछताछ पर कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता जंतर मंतर पर सत्याग्रह कर रहे हैं और लगातार राजधानी से सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

इन्हीं दोनों मुद्दों को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल आज शाम राष्ट्रपति से भी मिलेगा और वहीं कांग्रेस की एक पार्लियामेंट्री बैठक भी हैं, सभी सांसद इस बैठक में शामिल होंगे।

इसके अलावा राहुल गांधी भी चौथी बार आज फिर ईडी के सामने पेशी के लिए पहुंच चुके हैं। इससे पहले तीन दिन में 30 घंटे पूछताछ हो चुकी है।

अग्निपथ योजना और ईडी की कार्रवाई के विरोध में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार को अग्निपथ योजना वापस लेना ही होगा।

हिंदुस्तान की सीमाओं की रक्षा करने वालों के साथ केंद्र सरकार अपमानजनक व्यवहार कर रही है। इस योजना से युवाओं का भविष्य, देश की सीमा और सुरक्षा खतरे में है।

इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा महंगाई, बेरोजगारी और राफेल घोटाले के खिलाफ राहुल गांधी ने आवाज उठाई यही कारण है कि उनकी आवाज को केंद्र सरकार बंद करना चाहती है। भाजपा कांग्रेस को कमजोर करना चाहती है, इसलिए ईडी के माध्यम से राहुल गांधी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

साथ ही कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने एक बार फिर अपनी बात दोहराते हुए सरकार पर सवाल खड़ा किया।

उन्होंने कहा, अग्निवीर के फायदे गिना रहे हैं और भाजपा कार्यालय में चौकीदार बनाने वाले नेताओं को कह देना चाहता हूं कि वो सबसे पहले अपने बच्चों को इस योजना का लाभार्थी बनायें। मंत्रीजी का बेटा बनेगा बीसीसीआइ में सेक्रेटरी और देश के युवाओं को मिलेगी चार साल की ठेके वाली नौकरी और चौकीदारी?

परिवार के बच्चे को सेना में नौकरी मिलती है तो पूरे इलाके में उनका सम्मान बढ़ जाता है। सेना का सवाल देश की सुरक्षा का सवाल है, आप इसे मजाक मत बनाइये। सेना में गरीब किसान, मजदूर के बच्चे जाते हैं। अग्निपथ योजना इस देश के नौजवानों को अग्नि में झोंकने की योजना है। इस योजना को सरकार को वापस लेना चाहिए।

इस योजना के खिलाफ विपक्ष और सेंकड़ों युवा इस योजना को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के शिवाजी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन भी रोकी है और कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल पर भी कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया है।

इससे पहले लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने साफ कर दिया है कि, यह योजना किसी भी हालत में वापस नहीं होगी। सेना में भर्ती होने के लिए सबसे पहली जरूरत अनुशासन की होती है, इसलिए युवाओं को शांत होकर योजना को समझना चाहिए।

दरअसल केंद्र सरकार द्वारा मंगलवार को अग्निपथ योजना की घोषणा के बाद से कई राज्यों में उग्र प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन का आज पांचवां दिन है। बीते चार दिनों में प्रदर्शनकारियों ने कई इलाकों में ट्रेन के डिब्बों को आग के हवाले कर दिया और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। इस दौरान तेलंगाना में एक व्यक्ति की मौत भी हुई।

--आईएएनएस

एमएसके/आरएचए

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