किशन रेड्डी ने मुसी रिवरफ्रंट विकास को लेकर टीआरएस सरकार पर साधा निशाना

किशन रेड्डी ने मुसी रिवरफ्रंट विकास को लेकर टीआरएस सरकार पर साधा निशाना
किशन रेड्डी ने मुसी रिवरफ्रंट विकास को लेकर टीआरएस सरकार पर साधा निशाना हैदराबाद, 30 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी ने शनिवार को मुसी रिवरफ्रंट विकास को लेकर तेलंगाना सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि इससे नदी के किनारे के इलाकों में बाढ़ आ गई है।

रेड्डी ने अंबरपेट में कुछ इलाकों का दौरा किया जो हाल ही में मूसी नदी में भारी बारिश और बाढ़ के कारण जलमग्न हैं।

सिकंदराबाद से सांसद रेड्डी ने आरोप लगाया कि रिवरफ्रंट को विकसित करने और अतिक्रमण रोकने में राज्य सरकार की लापरवाही के कारण नदी के किनारे के इलाकों में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) सरकार अतीत से सबक सीखने में विफल रही है। मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि पिछले साल की तरह इस साल भी शहर में भारी बारिश हुई लेकिन राज्य सरकार झपकी ले रही है।

भाजपा नेता ने कहा कि राज्य सरकार ने मुसी रिवरफ्रंट विकास के लिए निगम की स्थापना जैसी घोषणाएं की हैं। सरकार ने केवल घोषणाएं की। जमीन पर कुछ काम नहीं हुआ।

किशन रेड्डी ने कहा कि मुसी नदी के विकास के लिए कुछ भी कार्य नहीं हुआ और इससे नदी के किनारे के इलाकों में भारी बारिश के कारण फिर से बाढ़ आ गई।

केंद्रीय मंत्री ने मुसी पर मूसारामबाग पुल का भी निरीक्षण किया, जो उस्मान सागर और हिमायत सागर जलाशयों से बाढ़ के पानी के बहाव के कारण पूरी तरह से जलमग्न हो गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि टीआरएस सरकार बाढ़ से प्रभावित लोगों का बचाव करने में विफल रही है।

उन्होंने मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के दिल्ली दौरे की आलोचना की। उन्होंने कहा, वह दिल्ली में क्या कर रहे हैं, कोई नहीं जानता। क्या वह वहां लोगों के कल्याण के लिए, अपनी पार्टी के लिए कुछ कर रहे हैं या वह नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ किसी साजिश के लिए वहां गए हैं?

उन्होंने आरोप लगाया कि अतीत में भी जब हैदराबाद में लोग बाढ़ से पीड़ित थे, तब भी मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास प्रगति भवन से बाहर नहीं निकले।

किशन रेड्डी ने दावा किया कि राज्य सरकार ने राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) के तहत धन खर्च नहीं किया।

उन्होंने टीआरएस को राजनीति से प्रेरित बयान नहीं देने और लोगों के बचाव में आने की सलाह दी।

--आईएएनएस

पीके/एसजीके

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