केरल धीरे-धीरे सीरिया में बदल रहा है: बीजेपी

केरल धीरे-धीरे सीरिया में बदल रहा है: बीजेपी
केरल धीरे-धीरे सीरिया में बदल रहा है: बीजेपी नई दिल्ली, 23 नवंबर (आईएएनएस)। भाजपा ने मंगलवार को कहा कि केरल में हालिया हत्याओं के पीछे पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का हाथ है और राज्य धीरे-धीरे सीरिया में बदल रहा है।

केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन और राजीव चंद्रशेखर के साथ यहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, केरल भाजपा प्रमुख के सुरेंद्रन ने कहा, धीरे-धीरे, केरल सीरिया में बदल रहा है। यह केरल के शांतिप्रिय आम आदमी का अवलोकन है।

दो हत्याओं की ओर इशारा करते हुए, सुरेंद्रन ने कहा, आपको पिछले 20 दिनों में केरल में इस्लामिक आतंकी संगठन पीएफआई द्वारा दो नृशंस हत्याओं के बारे में पता होना चाहिए। पीड़ितों में से एक, (जो अपनी पत्नी के साथ बाइक पर यात्रा कर रहा था) की रोककर हत्या कर दी थी। शव परीक्षण के अनुसार, उनके शरीर पर 36 से अधिक घाव थे। इस हत्या में धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। इस हत्या के पीछे प्रशिक्षित हत्यारे थे, जो पीएफआई के साथ संबंध स्थापित कर रहे थे।

केरल भाजपा प्रमुख ने कहा, हालांकि इस मामले में एक पुलिस अधिकारी गवाह थे, केरल पुलिस कानून के अनुसार कार्रवाई नहीं की। हत्या राष्ट्रीय राजमार्ग से 2 किमी दूर हुई। पुलिस यातायात को अवरुद्ध नहीं कर सकी या वाहनों की तलाशी नहीं ले सकी।

सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि पीएफआई की गतिविधियां सत्तारूढ़ सरकार की मदद से पूरे राज्य में बढ़ रही हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में।

केरल में, पीएफआई-सीपीआई-एम एक साथ हैं - उनकी एक गुप्त समझ है और कई स्थानीय निकायों में एक साथ शासन कर रहे हैं। कांग्रेस और माकपा, दोनों वाम और दक्षिणपंथी दल, केरल में मुस्लिम आतंकवादी संगठनों का समर्थन कर रहे हैं। यह देश के लिए गंभीर खतरा है।

केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर ने कहा कि केरल सरकार को हत्या के सभी मामलों की जांच करनी चाहिए।

मुरलीधरन ने कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से में आप धार्मिक आतंकवाद या इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ बोल सकते हैं, लेकिन केरल में आप ऐसा नहीं कर सकते। तथाकथित धर्मनिरपेक्ष लोग मैदान में कूद पड़ते हैं और सच बोलने वालों पर हमला करते हैं।

मुरलीधरन ने कहा, पीएफआई द्वारा यह पहली हत्या नहीं है। सीपीआई-एम या सरकार कोई कार्रवाई नहीं करती है। कांग्रेस भी अपने कार्यकर्ता के मारे जाने के बाद भी चुप रहती है। स्थिति ऐसी है कि कोई भी इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं करता है।

--आईएएनएस

एचके/एएनएम

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