कौशल विकास योजना के तहत बनारस रेल इंजन कारखाना में 100 घंटे का प्रशिक्षण

कौशल विकास योजना के तहत बनारस रेल इंजन कारखाना में 100 घंटे का प्रशिक्षण
कौशल विकास योजना के तहत बनारस रेल इंजन कारखाना में 100 घंटे का प्रशिक्षण नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। स्किल डेवलपमेंट यानी कौशल विकास योजना के अन्तर्गत भारतीय रेल की उत्पादन इकाई, बनारस रेल इंजन कारखाना (बीएलडब्ल्यू) को प्रशिक्षण प्रदान किया है। रेल कौशल विकास योजना (आरकेवीवाई) के तहत बीएलडब्ल्यू द्वारा तकनीकी ट्रेडों जैसे, इलेक्ट्रीशियन, फिटर, मशीनिस्ट और वेल्डर के पहले बैच के प्रशिक्षण के लिए 100 घंटे के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित के पूरा कर लिया गया है।

आरकेवीवाई कार्यक्रम, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) की एक योजना प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के तत्वावधान में शुरू किया गया है। पूरे भारत में फैले 75 रेलवे प्रशिक्षण संस्थानों में तीन साल की अवधि में कुल 50,000 युवाओं को इसके तहत प्रशिक्षित किया जाएगा।

बनारस रेल इंजन कारखाना को आरकेवीवाई कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। बनारस रेल इंजन कारखाना ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए पाठ्यक्रम सामग्री और मूल्यांकन प्रक्रिया विकसित की है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे में रेल कौशल विकास योजना (आरकेवीवाई) कार्यक्रम को शुरू किया था। आरकेवीवाई कार्यक्रम रेलवे प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से उद्योग से संबंधित कौशल में शुरूआती स्तर का प्रशिक्षण प्रदान करके स्थानीय युवाओं को सशक्त बनाता है। देशी की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगाँठ पर चल रहे आजादी का अमृत महोत्सव के तहत, यह कार्यक्रम इस देश के युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री के विजन को आगे बढ़ाने का प्रयास करता है।

यह आरकेवीवाई कार्यक्रम के लिए प्रशिक्षुओं का चयन खुले विज्ञापन और पारदर्शी शॉर्ट-लिस्टिंग तंत्र के माध्यम से किया जाता है। प्रशिक्षुओं को 100 घंटे का व्यावहारिक और सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के बाद, सभी प्रशिक्षुओं का एक मानकीकृत मूल्यांकन किया जाता है और सफल प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र से सम्मानित किया जाता है।

बनारस रेल इंजन कारखाना ने सभी सफल प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण के ट्रेड से संबंधित टूलकिट प्रदान करने के लिए एक अनूठी पहल की है। यह टूलकिट प्रशिक्षुओं को उनके कौशल और आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद करेगा। यह टूलकिट प्रशिक्षुओं को उनके सीखने, स्वरोजगार की क्षमता के साथ-साथ विभिन्न उद्योगों में रोजगार की क्षमता का उपयोग करने में भी मदद करेगा। इन टूलकिटों को कॉपोर्रेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत उद्योग भागीदार द्वारा प्रदान किया गया है।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएनएम

Share this story