ग्वालियर में महाराजा को घेरने के लिए राजा को कमान

ग्वालियर में महाराजा को घेरने के लिए राजा को कमान
ग्वालियर में महाराजा को घेरने के लिए राजा को कमान भोपाल, 8 मई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने भाजपा को हर मोर्चे पर घेरने की तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए संभाग स्तर पर बैठकों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। ग्वालियर चंबल इलाके में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (महाराजा) को घेरने की कमान कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (राजा) को सौंप दी है।

राज्य में वर्ष 2018 में हुए विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस ने डेढ़ दशक बाद सत्ता में वापसी की थी मगर महज डेढ़ साल में ही कांग्रेस के हाथ से सत्ता से फिसल गई। इसकी बड़ी वजह ज्योतिरादित्य सिंधिया रहे हैं क्योंकि उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। यह घटनाक्रम पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ को अब भी रह-रहकर साल रहा है। यही कारण है कि वह कांग्रेस के नेताओं के साथ होने वाली बैठक में एक ही बात दोहराते हैं कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत दिलाने तक उनका मध्यप्रदेश में डेरा रहने वाला है।

राज्य विधानसभा के अगले साल चुनाव होने वाले हैं। इन चुनावों में कांग्रेस किसी भी सूरत में पीछे नहीं रहना चाहती है और उसके लिए सबसे ज्यादा बड़ी चुनौती ग्वालियर चंबल इलाका है। साथ ही कांग्रेस ज्योतिरादित्य सिंधिया को उनके ही क्षेत्र में कमजोर करना चाहते हैं। यही कारण है कि सिंधिया के पुराने धुर विरोधी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को उस इलाके की कमान सौंप दी गई है।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सक्रिय भी हो चले हैं और उन्होंने ग्वालियर चंबल इलाके के तमाम कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ बैठक की और आगामी रणनीति पर चर्चा भी की। उन्होंने साफ तौर पर भाजपा की सरकार पर आरोप लगाया कि वह कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर चुन चुन कर कार्रवाई कर रही है और उन्हें परेशान किया जा रहा है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ आंदोलन करने और उनकी समीक्षा के लिए पार्टी ने जो कमेटी बनाई है उसके भी अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हैं। कांग्रेस पहला बड़ा आंदोलन दतिया से करने वाली है इसमें ग्वालियर, चंबल के अलावा सागर संभाग के कार्यकर्ता भी जुटने वाले हैं।

कांग्रेस के लिए भाजपा को शिकस्त देने से ज्यादा महत्वपूर्ण ज्योतिरादित्य सिंधिया को शिकस्त देना है। यही कारण है कि पार्टी ग्वालियर चंबल इलाके में खास जोर दे रही है। इस इलाके से विधायक डॉ गोविंद सिंह को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया है तो वहीं अब पार्टी की पहली बड़ी बैठक भी ग्वालियर में हुई है।

--आईएएनएस

एसएनपी/एसकेपी

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