चीन पर केंद्र को राहुल गांधी ने सत्य सामने लाने को कहा

चीन पर केंद्र को राहुल गांधी ने सत्य सामने लाने को कहा
चीन पर केंद्र को राहुल गांधी ने सत्य सामने लाने को कहा नई दिल्ली, 20 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा बाद शनिवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र को चीन मसले से जुड़ा सच भी स्वीकार कर लेना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी की ओर से गुरु नानक जयंती पर तीनों नए कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा के एक दिन बाद, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चीनी कब्जे का सत्य भी मान लेना चाहिए।

गौरतलब है कि कांग्रेस चीन के साथ सीमा पर तनाव से निपटने के लिए केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर है। हाल ही में कांग्रेस ने इनीस सैन्य विकास पर एक प्रमुख उपग्रह तस्वीरों के आधार पर ये दावा किया था कि चीन द्वारा भूटान में 100 किलोमीटर भूमि हड़पने और अवैध घुसपैठ कर 4 नए गांवों को स्थापित कर लिया गया है। पिछले वर्ष के दौरान चीनी गांवों के तानीज क्षेत्र में किए गए निर्माण को ये तस्वीरें दर्शाती हैं।

कांग्रेस लगातार केंद्र पर भारत की क्षेत्रीय अखंडता से समझौता करने का आरोप लगा रही है वहीं केंद्र की ओर से आरोप से इनकार किया जा रहा है।

लगातार राहुल गांधी केंद्र से सवाल कर रहे हैं कि चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति क्या है, खासकर पूर्वी लद्दाख में गतिरोध के बाद।

भारत और चीन गुरुवार को पूर्वी लद्दाख में एलएसी के साथ शेष घर्षण बिंदुओं में पूर्ण विघटन के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए जल्द से जल्द 14 वें दौर की सैन्य वार्ता आयोजित करने पर सहमत हुए।

कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री मोदी की ओर से लगातार चीन का नाम लेने से बचा जा रहा है। चीन के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। क्या वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी प्रसारवादी नीति या अन्य पर्यायवाची शब्दों के सहारे चीन को सम्बोधित कर रहे हैं। क्यों नहीं चीन को दो-टूक जवाब दिया जा रहा है?

इसी बीच शुक्रवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी अपने बयान में कहा है कि भारत और चीन के बीच संबंध खराब दौर से गुजर रहे हैं।

उन्होंने सिंगापुर में एक कार्यक्रम में कहा कि, बीजिंग ने ऐसे कई काम किए हैं, जिनसे समझौतों का उल्लंघन हुआ है। खास बात ये है कि इन उल्लंघनों के लिए चीन के पास अब तक कोई विश्वसनीय स्पष्टीकरण भी नहीं है। ये स्प्ष्ट करना अब चीनी नेतृत्व की जि़म्मेदारी है कि वह द्विपक्षीय संबंधों को किस ओर ले जाना चाहता है।

वहीं दूसरी ओर भूटान ने चीन द्वारा उसकी सीमा में 2.5 किलोमीटर अंदर घुसपैठ कर गांव बसाने की खबरों का खंडन किया है। भारत में भूटान के राजदूत वेटसोप नामग्येल ने इस मसले पर कहा कि भूटान के अंदर चीन का कोई गांव नहीं बसा है। सीमावर्ती मामले में वह कोई बयान नहीं देंगे।

--आईएएनएस

पीटीके/एएनएम

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