चुनाव से पहले तृणमूल का दामन थामने वाले 3 नेताओं को ममता सरकार में मिले मंत्री पद

चुनाव से पहले तृणमूल का दामन थामने वाले 3 नेताओं को ममता सरकार में मिले मंत्री पद
चुनाव से पहले तृणमूल का दामन थामने वाले 3 नेताओं को ममता सरकार में मिले मंत्री पद कोलकाता, 3 अगस्त (आईएएनएस)। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार में तृणमूल कांग्रेस के नौ विधायकों को मंत्री के रूप में शामिल किया गया है, जिनमें से तीन दूसरी पार्टियों से आए राजनेता हैं, जो बाद में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

इनमें से सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण गायक से नेता बने बाबुल सुप्रियो हैं, जो पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल से दो बार के भाजपा के लोकसभा सदस्य रहे और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में राज्य मंत्री भी थे।

हालांकि, 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद, उन्होंने भाजपा छोड़ दी थी और वे तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे। उन्होंने आसनसोल लोकसभा सदस्य के तौर पर भी इस्तीफा दे दिया था। बाद में वह इस साल की शुरूआत में बालीगंज निर्वाचन क्षेत्र से उपचुनाव में विधानसभा के लिए चुने गए।

तृणमूल विधायक और राज्य के पूर्व पंचायत मंत्री सुब्रत मुखर्जी के निधन के बाद बालीगंज में उपचुनाव कराना पड़ा था।

अन्य पार्टी से टीएमसी में शामिल होकर बुधवार को मंत्री पद पाने वाले दूसरे नेता कूचबिहार जिले के दिनहाटा विधानसभा क्षेत्र के पार्टी विधायक उदयन गुहा हैं।

पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा शासन में कृषि, कृषि विपणन और सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग मंत्री दिवंगत कमल गुहा के पुत्र उदयन गुहा ने 2011 में दिनहाटा से अपने पिता की पार्टी ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के विधायक के रूप में अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया था।

हालांकि, 2016 के विधानसभा चुनावों से पहले, वह तृणमूल में चले गए थे, जिसने उन्हें दिनहाटा से ही मैदान में उतारा और वे जीत गए। हालांकि, 2021 के विधानसभा चुनाव में गुहा को कूचबिहार से मौजूदा भाजपा सांसद निशीथ प्रमाणिक से हार का सामना करना पड़ा था।

हालांकि, प्रमाणिक ने सांसद बने रहने का विकल्प चुना और दिनहाटा विधायक के रूप में इस्तीफा दे दिया, जिससे उपचुनाव की आवश्यकता हुई, जिसे गुहा ने जीत लिया।

सुप्रियो और गुहा दोनों को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।

कैबिनेट विस्तार की इस नई सूची में तीसरे नेता मालदा जिले के हरिश्चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र से तजमुल हुसैन हैं। वह हरिश्चंद्रपुर से दो बार ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के विधायक रहे और गुहा की तरह उन्होंने भी 2016 के विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल का दामन थाम लिया था। उन्होंने 2016 में हरिश्चंद्रपुर से तृणमूल उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा लेकिन कांग्रेस के आलम मोस्ताक से हार गए।

2021 में हरिश्चंद्रपुर से चुने गए हुसैन को अब राज्य मंत्री बनाया गया है।

--आईएएनएस

एकेके/एएनएम

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