छत्तीसगढ़ में नेतृत्व फेरबदल को लेकर असमंजस की स्थिति समाप्त: भूपेश बघेल (इंटरव्यू)

छत्तीसगढ़ में नेतृत्व फेरबदल को लेकर असमंजस की स्थिति समाप्त: भूपेश बघेल (इंटरव्यू)
छत्तीसगढ़ में नेतृत्व फेरबदल को लेकर असमंजस की स्थिति समाप्त: भूपेश बघेल (इंटरव्यू) लखनऊ, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। यूपी के लिए कांग्रेस का पर्यवेक्षक बनाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ लखनऊ में मैराथन बैठक की। इस बैठक में यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी रणनीति और भाजपा के खिलाफ चुनावी लड़ाई से जुड़े तमाम पहलुओं पर चर्चा की गई। लखनऊ के इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से इन तमाम मुद्दों पर आईएएनएस के वरिष्ठ संवाददाता सैयद मोजिज इमाम जै़द़ी ने बात की।

सवाल-कांग्रेस के कार्यसमिति की बैठक है। आपको क्या लगता है, किसको अध्यक्ष बनना चाहिए, क्योंकि पार्टी में सियासत गर्म है।

उत्तर-वह तो सीडब्ल्यूसी की मीटिंग में तय होगा। सीडब्ल्यूसी की मीटिंग से पहले कोई कयास लगाना उचित नहीं है। पिछले समय भी चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ी थी, लेकिन कोरोना की वजह से रोका गया था, लेकिन अब सीडब्ल्यूसी उसी दिशा में विचार करेगी और और सीडब्ल्यूसी विचार कर सकती है।

सवाल--आपको नहीं लगता कि राहुल गांधी को कमान संभाल ली चाहिए, इस वक्त और सही समय है?

उत्तर- मैंने पिछली बार भी कहा था कि राहुल गांधी को अध्यक्ष बनना चाहिए, राहुल जी को कमान संभाल लेना चाहिए।

सवाल--आपके राज्य में जो रोटेशनल चीफ मिनिस्टर की बातचीत चल रही है, उस पर आपका क्या कहना है?

उत्तर-देखिए जो हमारे प्रभारी पी एल पुनिया साहब हैं, उन्होंने जो बात बयान दिया था, वही फाइनल बयान है कि इस तरह की कोई बातचीत नहीं हुई थी, वही आखरी बात है।

सवाल--आपकी पूरी टीम काम कर रही है आप छत्तीसगढ़ की मदद कीजिए तथा अपने वहां पर इलेक्शन की कमान संभाली थी।

उत्तर-जो सवाल देश के सामने उसके उत्तर देने वाला है सवाल सिर्फ सिर्फ राजनीति का नहीं है बल्कि कानून व्यवस्था का है, किसान का है, बेरोजगारी का है, महंगाई का है, इन सवालों का जवाब निश्चित तौर पर उत्तर प्रदेश के लोग देंगे।

सवाल-- आपको लगता है कि लोग सुनेंगे?

उत्तर-देखें देश के सामने अनेक चुनौतियां हैं । नौकरियां नहीं है, बेरोजगारी बढ़ रही है, लोग के रोजी-रोटी की समस्या है, कानून व्यवस्था ध्वस्त है और किसानों की लड़ाई कांग्रेस कर रही है । किसान ऐसा वर्ग है जिसमें सब वर्ग समाहित है, कोई ऐसा वर्ग नहीं है जो किसान नहीं है।

सवाल--आपकी टीम में अभी तक आपको क्या फीडबैक दिया है?

उत्तर-प्रियंका गांधी एकमात्र नेता है जो लड़ाई लड़ रही हैं। लोगों की, किसान की, बेरोजगारों की और उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की, प्रियंका गांधी उसमें अहम रोल अदा कर रही हैं । चाहे वह हाथरस का मामला हो, या फिर लखीमपुर खीरी का मामला हो, या सोनभद्र का मामला हो, प्रियंका गांधी हर जगह जनता की लड़ाई लड़ रही हैं। लोगों को विश्वास हो रहा है कि यह नेता जनता की लड़ाई लड़ेंगी।

सवाल--लेकिन कांग्रेस का सांगठनिक ढांचा इतना मजबूत नहीं, उत्तर प्रदेश में इस बात को आप भी मानेंगे?

उत्तर-संगठन को लेकर लगातार काम हो रहा है। प्रियंका गांधी इस दिशा में काम कर रही हैं और यह काम पैदल चल रहा है। आम सभा स्तर से नए पंचायत स्तर से काम चल रहा है। कार्यकर्ता प्रशिक्षित होकर आ रहे हैं और इसका रिजल्ट जल्द देखने को मिलेगा, जिससे सांगठनिक ढांचा मजबूत हो रहा है।

सवाल--उत्तर प्रदेश में आप की सक्रियता क्यों बढ़ रही है ?

उत्तर-पहली बार आना हुआ तो एयरपोर्ट से बाहर कर दिया। दूसरी बार आए और पर्यवेक्षक बनने के बाद लखीमपुर की घटना हो गई इस तरह से राहुल जी के साथ भी आना पड़ा। लखीमपुर की घटना की वजह से सारा ध्यान उधर डाइवर्ट हो गया, उसके बाद रैली थी और रैली के बाद मीटिंग थी राजनीतिक चर्चा ।

सवाल-- रैली के बाद आप आए तो किस तरह की संभावना दिखाई दे रही है ?

उत्तर-देखे, चुनाव के बारे में अभी से आकलन करना ठीक नहीं है। यह आकलन अगर अभी किया जाए तो बहुत जल्दबाजी होगी। अपनी बात को जनता के बीच मजबूती से ले जाना ही प्रमुख उद्देश्य उसी उसी दिशा में कांग्रेस पार्टी अभी काम कर रही है, जनता के बीच अपने मुद्दे लेकर जाएंगे।

सवाल--बीजेपी को कैसे काउंटर करेंगे? बीजेपी के पास मंदिर है, अन्य मुद्दे हैं ?

उत्तर- हर चुनाव में एक ही मुद्दा जनता को पसंद नहीं है। जनता अलग-अलग मुद्दे पर वोट देती है। इस चुनाव में देश का मुद्दा रहेगा किसान और कामगार और बेरोजगारी जैसे मुद्दे रहेंगे।

--आईएएनएस

आरजेएस

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