छत्तीसगढ़ में लोककला और संस्कृति के प्रसार के लिए 3 महाविद्यालय खुलेंगे

छत्तीसगढ़ में लोककला और संस्कृति के प्रसार के लिए 3 महाविद्यालय खुलेंगे
छत्तीसगढ़ में लोककला और संस्कृति के प्रसार के लिए 3 महाविद्यालय खुलेंगे रायपुर, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ सरकार लोककला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए तीन स्थानों पर खैरागढ़ के इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की तर्ज पर महाविद्यालय खोलने की तैयारी में है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पर्यटन और संस्कृति विभागों की समीक्षा के दौरान कहा, प्रदेश की कला और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ की तर्ज पर बस्तर, सरगुजा और रायपुर में लोककला एवं संस्कृति महाविद्यालय प्रारंभ करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन महाविद्यालयों के प्रारंभ होने से बस्तर और सरगुजा अंचल की लोककला और संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विष्वविद्यालय अमरकंटक का एक सेंटर छत्तीसगढ़ में शुरू करने का प्रस्ताव केन्द्र को भेजने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि लोककला के माध्यम से आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य, शिक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। कला जत्थों के जरिए स्थानीय बोली-भाषाओं में कार्यक्रम तैयार कराए जाएं, जिससे उनका अच्छा प्रभाव होगा। इससे विशेष पिछड़ी जनजातियों-सरगुजा के पंडो, कवर्धा के बैगा और गरियाबंद, सिहावा-नगरी और मगरलोड क्षेत्र की कमार जनजाति के लोगों में शासकीय योजनाओं, स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रति जागरूकता का संचार होगा।

उन्होंने कहा कि रामायण मंडली प्रोत्साहन योजना के तहत मानस प्रतियोगिता अगले वर्ष जनवरी में आयोजित की जाए।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, वहां पर्यटकों के रूकने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी से होटलों की सुविधा सहित शौचालय, पेयजल, आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाओं को विकसित करने की जरूरत है।

--आईएएनएस

एसएनपी/एसकेपी

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