जीवनसाथी की पेंशन के लिए संयुक्त बैंक खाता अनिवार्य नहीं - केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह

जीवनसाथी की पेंशन के लिए संयुक्त बैंक खाता अनिवार्य नहीं - केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह
जीवनसाथी की पेंशन के लिए संयुक्त बैंक खाता अनिवार्य नहीं - केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह नई दिल्ली, 20 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि जीवनसाथी की पेंशन पाने के लिए संयुक्त बैंक खाता अनिवार्य नियम नहीं है।

पेंशन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए, डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि यदि कार्यालय प्रमुख संतुष्ट है कि सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी के लिए अपने पति या पत्नी के साथ संयुक्त खाता खोलना संभव नहीं है तो उन्हें इस नियम में ढील दी जा सकती है।

सेवानिवृत्त और पेंशनभोगी व्यक्तियों को उनके अनुभव और उनके द्वारा लंबे समय तक की गई सेवा को लेकर उन्हें देश की संपत्ति बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने यह जानकारी भी दी कि केंद्र सरकार की पेंशन का वितरण करने वाले सभी एजेंसी बैंकों को सूचित किया गया है कि यदि पति या पत्नी (पारिवारिक पेंशनभोगी) परिवार पेंशन के क्रेडिट के लिए मौजूदा संयुक्त बैंक खाते का विकल्प चुनते हैं, तो बैंकों को नया खाता खोलने पर जोर नहीं देना चाहिए।

हालांकि इसके साथ हीं जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि पति या पत्नी के साथ एक संयुक्त बैंक खाता वांछनीय है और यह उनके पति या पत्नी के साथ खोला जाना है, जिनके पक्ष में पीपीओ में पारिवारिक पेंशन के लिए एक प्राधिकरण मौजूद है। उन्होंने कहा कि इन खातों में परिचालन पेंशनभोगी की इच्छानुसार पूर्व या उत्तरजीवी या दोनों में से कोई एक या उत्तरजीवी आधार पर होगा। संयुक्त बैंक खाता खोलने का कारण यह सुनिश्चित करना है कि परिवार पेंशन बिना किसी देरी के शुरू की जा सके और परिवार पेंशनभोगी को नया पेंशन बैंक खाता खोलने में कोई कठिनाई न हो।

मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार हमेशा सेवानिवृत्त और पेंशनभोगियों सहित समाज के सभी वर्गों के जीवन को सुगम बनाने के उद्देश्य के साथ काम कर रही है।

--आईएएनएस

एसटीपी/एएनएम

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