जी-23 को बदलाव के लिए कांग्रेस कार्यसमिति में समर्थन जुटाने की जरूरत

जी-23 को बदलाव के लिए कांग्रेस कार्यसमिति में समर्थन जुटाने की जरूरत
जी-23 को बदलाव के लिए कांग्रेस कार्यसमिति में समर्थन जुटाने की जरूरत नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक की मांग के बीच कांग्रेस पार्टी से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए इस महीने अपने सर्वोच्च निर्णय लेने वाले मंच की बैठक बुला सकती है।

हालांकि, जी-23, से जुड़े लोग जो पार्टी में व्यापक बदलाव पर जोर दे रहे हैं, उन्हें मौजूदा नेतृत्व की इच्छा के विपरीत किसी भी बदलाव या प्रस्ताव को पारित करने के लिए कांग्रेस कार्यसमिति में संख्या बल जुटाना होगा।

सूत्रों के मुताबिक, गुलाम नबी आजाद ने सीडब्ल्यूसी की बैठक के लिए सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा है, लेकिन उनके लिए बैठक बुलाना बाध्यकारी नहीं है। कांग्रेस के संविधान के अनुसार, केवल कांग्रेस अध्यक्ष ही बैठक बुला सकते हैं और किसी भी निर्णय के लिए, बहुमत कार्य समिति के सदस्यों को प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए।

कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) एक नए अध्यक्ष को हटा या नियुक्त कर सकता है लेकिन दो-तिहाई बहुमत के लिए किसी भी बदलाव की आवश्यकता होती है।

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी संविधान कहता है कार्य समिति में कांग्रेस के अध्यक्ष, संसद में कांग्रेस पार्टी के नेता और 23 अन्य सदस्य शामिल होंगे, जिनमें से 12 सदस्य एआईसीसी द्वारा चुने जाएंगे, जो कार्य समिति द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार होंगे और बाकी सदस्य अध्यक्ष के जरिये नियुक्त होंगे।

कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि जी-23 को बहुमत का समर्थन मिलने की संभावना नहीं है, क्योंकि पी. चिदंबरम और कुछ अन्य लोगों की गिनती की जाए तो मौजूदा सीडब्ल्यूसी में इसके नेताओं और उनके समर्थकों की संख्या छह से अधिक नहीं है।

आजाद, मुकुल वासनिक और आनंद शर्मा, जो पिछले साल सोनिया गांधी को पार्टी में ²श्यमान और प्रभावी नेतृत्व और सुधारों के लिए लिखे गए पत्र के हस्ताक्षरकर्ता थे, सीडब्ल्यूसी सदस्यों में शामिल हैं।

जी-23 नेताओं ने हाल ही में पार्टी से कुछ हाई-प्रोफाइल बाहर निकलने के मद्देनजर अपनी पिच तैयार की है, यह देखते हुए कि उन्होंने जो मुद्दे उठाए हैं, उनका अब तक समाधान नहीं किया गया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने पार्टी नेतृत्व पर हमला करते हुए पूछा था कि पार्टी में कौन निर्णय ले रहा है। उन्होंने कहा कि पत्र लिखे जाने के एक साल बाद भी सांगठनिक चुनाव की मांग पूरी नहीं की गई है।

--आईएएनएस

आरजेएस

Share this story