जेईई के होंगे दो ही सत्र इस बार, छात्रों को अब एडमिट कार्ड का इंतजार

जेईई के होंगे दो ही सत्र इस बार, छात्रों को अब एडमिट कार्ड का इंतजार
जेईई के होंगे दो ही सत्र इस बार, छात्रों को अब एडमिट कार्ड का इंतजार नई दिल्ली, 11 मई (आईएएनएस)। छात्रों द्वारा बार-बार की जा रही मांग के बावजूद जेईई मेन के सत्रों में वृद्धि नहीं होने जा रही है। इस वर्ष जेईई मेन के दो सत्र आयोजित किए जाएंगे। पहला सत्र जून और दूसरा जुलाई माह में आयोजित किया जाएगा। जून माह के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके उम्मीदवार फिलहाल एडमिट कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। अगले कुछ दिनों में यह एडमिट कार्ड जारी किए जाने हैं।

बीते वर्ष जेईई मेन की परीक्षा के लिए चार अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए थे। कई छात्रों की मांग है कि इस वर्ष भी 4 सत्र आयोजित किए जाएं। हालांकि इस वर्ष जेईई मेन के लिए केवल 2 सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। माना जा रहा है कि 10 लाख से अधिक छात्र इस परीक्षा में शामिल होंगे।

जेईई मेन का पहला सत्र 20 जून से 29 जून के बीच आयोजित होना है। यह परीक्षा में दो शिफ्ट में होनी है। पहली शिफ्ट सुबह 9 से 12 बजे और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक होगी। इसमें फिजिक्स के 25 प्रश्न, केमिस्ट्री के 25 और गणित के 25 प्रश्न होंगे। जेईई मेन में बीई और बीटेक की परीक्षा पूर्व की ही भांति इस बार भी कंप्यूटर आधारित टेस्ट मोड में ही होगी। वहीं बीआर्क कंप्यूटर आधारित टेस्ट और ड्राइंग टेस्ट पेन-पेपर मोड में आयोजित किया जाएगा।

यह परीक्षाएं पूरी होने के उपरांत अगले चरण की परीक्षाएं जुलाई महीने के दौरान आयोजित की जाएंगी। इन दोनों ही परीक्षाओं में उत्तरी एवं मेरिट हासिल करने वाले छात्रों के लिए अगस्त माह के दौरान जी एडवांस की परीक्षाएं ली जाएंगी। इन परीक्षाओं में उत्तीर्ण छात्र देश के विभिन्न आईआईटी, एनआईटी एवं ट्रिपल आईटी संस्थानों में दाखिला ले सकेंगे।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने जेईई मेंस और जेईई एडवांस के लिए एक 19 सदस्यीय बोर्ड गठित किया है। आईआईटी व इंजीनियरिंग के अन्य संस्थानों में दाखिले के लिए होने वाले एग्जाम जेईई के आयोजन के लिए यह बोर्ड गठित किया गया है। बोर्ड के चेयरमैन आईआईटी मद्रास के पूर्व निदेशक प्रोफेसर भास्कर रामामूर्ति हैं। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक जेईई मेंस व जेईई एडवांस की प्रक्रिया और बेहतर एवं पारदर्शी बनाने के लिए जेईई बोर्ड का गठन किया गया है। जेईई के इस शीर्ष बोर्ड में कुल 19 सदस्य होंगे।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के डायरेक्टर जनरल ( डीजी ) को शिक्षा मंत्रालय ने इस बोर्ड का सदस्य सचिव बनाया है। हर बार की तरह इस बार भी जेईई के इस बोर्ड में विभिन्न आईआईटी संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। शीर्ष बोर्ड में आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी गुवाहाटी और आईआईटी खड़कपुर के निदेशक इस बोर्ड में शामिल रहते हुए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाएंगे। सीबीएसई के चेयरमैन को भी बोर्ड में स्थान दिया गया है। शिक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारी को भी बोर्ड में जगह मिली है। बोर्ड में एनआइटी व ट्रिपल आइटी के निदेशकों के और गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक और बिहार के प्रतिनिधियों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जा रहा है।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएनएम

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