झारखंड में कांग्रेस कोटे के चार में से तीन मंत्री बदले जा सकते हैं, मॉनसून सत्र के तुरंत बाद होगा फेरबदल

झारखंड में कांग्रेस कोटे के चार में से तीन मंत्री बदले जा सकते हैं, मॉनसून सत्र के तुरंत बाद होगा फेरबदल
झारखंड में कांग्रेस कोटे के चार में से तीन मंत्री बदले जा सकते हैं, मॉनसून सत्र के तुरंत बाद होगा फेरबदल रांची, 1 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड के तीन कांग्रेस विधायकों की पश्चिम बंगाल में गिरफ्तारी के बाद राज्य सरकार के मंत्रिमंडल में जल्द ही फेरबदल किये जाने के संकेत मिले हैं। झारखंड की गठबंधन सरकार में शामिल कांग्रेस कोटे के चार मंत्रियों में से तीन को हटाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान ने इसपर पार्टी के कुछ आला नेताओं से चर्चा के बाद फैसला ले लिया है। आगामी 5 अगस्त को झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के समापन के तुरंत बाद फेरबदल का यह फैसला अमल में लाने की तैयारी है।

कांग्रेस आलाकमान तक पार्टी के उन मंत्रियों और विधायकों के बारे में पूरी रिपोर्ट पहुंचायी जा चुकी है, जो अपनी ही पार्टी और सरकार के खिलाफ साजिश में शामिल रहे हैं। भारी मात्रा में कैश के साथ पकड़े गये तीनों विधायकों इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोंगाड़ी को पार्टी ने सस्पेंड कर सख्त कार्रवाई का संदेश पहले ही दे दिया है।

पार्टी को रिपोर्ट दी गयी है कि सरकार पलटने के लिए जो डील चल रही थी, उसमें पार्टी के पांच अन्य विधायक शामिल थे। इनमें दो महिला विधायक और एक मंत्री भी शामिल बताये जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इन सभी के कॉल डिटेल्स और पिछले 15 दिनों के दौरान उनके लोकेशंस के बारे में पूरी सूचना इस रिपोर्ट में दी गयी है।

खबर है कि झारखंड के कांग्रेस कोटे के एक मंत्री की दिल्ली में एक बड़ी सियासी शख्सियत से मुलाकात के बाद सत्ता पलट के लिए डील की शुरूआत हुई थी। इसके बाद कुछ विधायक गौहाटी गये और वहां डील तय हुई। पार्टी की आंतरिक रिपोर्ट के मुताबिक कोलकाता में कांग्रेस के जो तीन विधायक भारी कैश के साथ पकड़े गये, वह गौहाटी से इस डील की पेशगी लेकर लौट रहे थे। एक अन्य विधायक भी उनके साथ ही अलग गाड़ी से लौट रहे थे, लेकिन वह पुलिस की ट्रैप में आने से बच गये।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति चुनाव के दौरान कांग्रेस के कम से कम नौ विधायकों ने पार्टी के निदेशरें का उल्लंघन कर एनडीए प्रत्याशी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी। इसके बाद से ही पार्टी ने विधायकों के फोन कॉल्स और उनके लोकेशंस पर निगरानी रखनी शुरू कर दी थी। पार्टी को इन विधायकों के कम से कम 50 कॉल्स के बारे में डिटेल मिली है। बताया जा रहा है कि पार्टी आलाकमान अपने ही विधायकों की दगाबाजी से बेहद आहत है।

पार्टी के एक भरोसेमंद सूत्र के मुताबिक पार्टी की आंतरिक रिपोर्ट में झारखंड सरकार में शामिल कांग्रेस कोटे के चार में से तीन मंत्रियों को भरोसे के पैमाने पर खरा नहीं पाया गया है और झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के बाद इनका हटना तय है।

--आईएएनएस

एसएनसी/एएनएम

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