तन और मन की समग्रता के लिए जरूरी है योग : उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू

तन और मन की समग्रता के लिए जरूरी है योग : उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू
तन और मन की समग्रता के लिए जरूरी है योग : उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू हैदराबाद, 21 जून (आईएएनएस)। हैदराबाद के परेड ग्राउंड में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि योग देश के साथ-साथ शरीर और दिमाग की समग्रता के लिए भी है।

उपराष्ट्रपति के साथ केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी, बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु, अभिनेता आदिवी शेष समेत कई लोगों ने आयुष और संस्कृति मंत्रालयों द्वारा आयोजित कार्यक्रम में योग किया।

नायडू ने कहा, योग देश के साथ-साथ शरीर और दिमाग की सद्भाव, एकता और सम्रगता के लिए है। योग आपको शारीरिक रूप से फिट और मानसिक रूप से तेज बनाता है। यह हमारे पूर्वजों द्वारा मानवता को दिया गया एक महान उपहार है। हम वर्तमान पीढ़ी को परंपरा का पालन करना चाहिए और इसे अपने जीवन में जारी रखना चाहिए।

नायडू ने सभी देशवासियों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को अपनी बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन के लिए आयुष मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय की भी सराहना की।

वेंकैया नायडू ने कहा कि योग दुनिया को भारत का अमूल्य उपहार है। यह हमारे पूर्वजों की एक महान विरासत है जो हमें स्वास्थ्य और कल्याण का मार्ग दिखाती है।

नायडू ने कहा, अंतर्राष्ट्रीय दिवस वर्तमान पीढ़ी को योग के महत्व का एहसास कराने के लिए है। यह दुनिया के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण में इसकी भूमिका को दर्शाता है।

वेंकैया नायडू ने संयुक्त राष्ट्र में विश्व योग दिवस की पहल करने और इसे फिर से दुनिया भर में लोकप्रिय बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की।

उपराष्ट्रपति ने दावा किया कि योग में उम्र, जाति, क्षेत्र या धर्म का कोई बंधन नहीं है, इसलिए यह सार्वभौमिक है। उन्होंने कहा, हर किसी को अपने जीवन में योग का अभ्यास करना चाहिए। व्यायाम से अच्छा स्वास्थ्य, लंबा जीवन, शक्ति और खुशी मिलती है। अच्छा स्वास्थ्य सबसे बड़ा आशीर्वाद है। हमारे पूर्वजों ने कहा कि स्वास्थ्य ही धन है। यदि आपके पास स्वास्थ्य है तो आप धन कमा सकते हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा, कोविड 19 महामारी ने न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया, बल्कि कई लोगों को मानसिक रूप से बीमार भी किया है। योग का अभ्यास स्वस्थ रखने मदद करेगा। सभी को योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए और इसके लाभों को प्राप्त करना चाहिए।

नायडू ने कहा कि जीवनशैली, खान-पान और पर्यावरण में बदलाव को देखते हुए योग का महत्व बढ़ गया है।

--आईएएनएस

पीके/आरएचए

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