त्रिपुरा में तृणमूल भाजपा को मात देगी, माकपा की तरह नहीं झुकेगी : अभिषेक

त्रिपुरा में तृणमूल भाजपा को मात देगी, माकपा की तरह नहीं झुकेगी : अभिषेक
त्रिपुरा में तृणमूल भाजपा को मात देगी, माकपा की तरह नहीं झुकेगी : अभिषेक अगरतला, 22 नवंबर (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने यहां सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी भाजपा को हराने के लिए त्रिपुरा आई है और यह माकपा या कांग्रेस की तरह झुकने वाली नहीं है।

बनर्जी ने मीडिया से कहा कि माकपा और कांग्रेस, दोनों ने त्रिपुरा में कई वर्षो तक शासन किया, मगर भाजपा को हराने की क्षमता या मानसिकता उनमें नहीं है।

त्रिपुरा पुलिस द्वारा पश्चिम बंगाल तृणमूल युवा कांग्रेस अध्यक्ष सयोनी घोष को गिरफ्तार किए जाने के एक दिन बाद सोमवार को अगरतला आए बनर्जी ने कहा, हम (तृणमूल) तीन महीने पहले ही त्रिपुरा आए थे और भाजपा बौखला गई है।

उन्होंने कहा, हमने 100 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की हैं। हमारी ग्यारह महिला निकाय चुनाव उम्मीदवारों और सभी तृणमूल नेताओं पर हमला किया गया था, लेकिन किसी से पूछताछ नहीं की गई थी, अपराधियों को गिरफ्तार करना तो भूल ही जाओ। सायोनी को खेला होबे का नारा लगाने के लिए गिरफ्तार किया गया था।

उन्होंने कहा, पश्चिम बंगाल में दिलीप घोष और राज्य इकाई के प्रमुख सुकांत मजूमदार सहित किसी भी भाजपा नेता पर बंगाल में हमला नहीं किया गया। लेकिन त्रिपुरा में, तृणमूल के संयोजक (कार्यकारी पार्टी प्रमुख) सुबल भौमिक और उनके घर पर रविवार को भाजपा ने हमला किया।

त्रिपुरा में गुरुवार को होने वाले निकाय चुनावों से पहले, तृणमूल ने सोमवार को बनर्जी के नेतृत्व में एक रोड शो आयोजित करने की योजना बनाई थी, लेकिन पार्टी ने शहर में एक छोटी सभा आयोजित की, क्योंकि पुलिस ने उसके बहुप्रचारित रोड शो की अनुमति नहीं दी।

सायोनी को गिरफ्तार क्यों किया गया, इस पर सवाल उठाते हुए बनर्जी ने कहा कि उन पर हत्या और उकसावे के आरोप में मामला दर्ज किया गया था, लेकिन वह किसे मारना चाहती थीं, उन्होंने किसे उकसाया?

उन्होंने कहा, उनके खिलाफ बिल्कुल झूठा मामला दर्ज किया गया था।

यह दावा करते हुए कि भाजपा शासित त्रिपुरा में पूरी तरह से अराजकता और जंगल राज व्याप्त है, बनर्जी ने कहा कि रविवार को राजधानी शहर के एक पुलिस स्टेशन पर भी भाजपा समर्थकों ने हमला किया, जिससे पुलिस अधिकारियों को टेबल के नीचे शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा और यहां तक कि भाजपा के हमलों से पत्रकार भी नहीं बचे हैं।

--आईएएनएस

एसजीके

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